कीव/मॉस्को, 19 जुलाई (वार्ता) यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने रात भर रूस के मध्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले कर मॉस्को और तांबोव क्षेत्रों के दो प्रमुख रसद केंद्रों तथा एक तेल प्रतिष्ठान को निशाना बनाया। वहीं रूसी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और 62 अन्य घायल हुए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि यूक्रेनी सेना ने अपनी “लॉन्ग-रेंज सैंक्शंस” रणनीति के तहत उन रसद केंद्रों पर हमला किया, जिनका इस्तेमाल रूस ड्रोन निर्माण के लिए प्रतिबंधित पुर्जों और नेविगेशन उपकरणों की आपूर्ति में कर रहा था। उन्होंने बताया कि एक तेल प्रतिष्ठान को भी निशाना बनाया गया।
रूसी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज़ की संस्थापक तात्याना किम के अनुसार, हमलों में कंपनी के दो गोदाम प्रभावित हुए। तांबोव क्षेत्र के प्रमुख येवगेनी पेरविशोव ने बताया कि रात की पाली में काम कर रहे सात कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हुए। मॉस्को क्षेत्र के एलेक्ट्रोस्ताल स्थित वाइल्डबेरीज़ के एक लॉजिस्टिक्स केंद्र पर ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 37 अन्य घायल हो गए। इस बीच मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा कि मॉस्को क्षेत्र की ओर बढ़ रहे 370 ड्रोन का पता लगाया गया, जिनमें से अधिकांश को वायु रक्षा प्रणाली ने निष्क्रिय कर दिया तथा 64 ड्रोन मार गिराए गए। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। यूक्रेनी वायुसेना ने कहा है कि रूस ने रातभर यूक्रेन पर 90 ड्रोन और सात मिसाइलों से हमला किया, जिनका मुख्य निशाना ओडेसा क्षेत्र था। यूक्रेन ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने एक मिसाइल और 69 ड्रोन को मार गिराया।
खेरसोन क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के अनुसार, शनिवार सुबह हुए एक अन्य रूसी ड्रोन हमले में कम से कम नौ लोग घायल हो गये। हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस के औद्योगिक और ऊर्जा प्रतिष्ठानों, विशेषकर तेल रिफाइनरियों और ईंधन डिपो, पर लंबी दूरी के हमले तेज किए हैं। यूक्रेन का दावा है कि इन हमलों के कारण रूस और उसके कब्जे वाले क्षेत्रों में ईंधन संकट पैदा हुआ है। इसके जवाब में रूस ने डीजल निर्यात पर प्रतिबंध लगाया है और कुछ क्षेत्रों में ईंधन की राशनिंग भी शुरू की है।

