रीवा :मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक रीवा के निर्देशन में शनिवार को थाना सेमरिया पुलिस ने सांदीपनि शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सेमरिया में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से बचाना और समाज में नशामुक्त वातावरण तैयार करने के लिए प्रेरित करना था।
नशा सिर्फ व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार को तोड़ता है: TI शिवा अग्रवाल
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उसके परिवार, भविष्य और पूरे समाज को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि एक बार नशे की लत लग जाने के बाद व्यक्ति का करियर, पढ़ाई और सामाजिक जीवन सब बर्बाद हो जाता है।
श्री अग्रवाल ने छात्राओं से अपील की कि वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, खेल, अनुशासन और अच्छे संस्कारों को अपने जीवन का आधार बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि छात्राओं को अपने आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में दिखाई दे या नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार करता नजर आए तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
अभियान का उद्देश्य: सिर्फ कार्रवाई नहीं, जागरूकता भी
थाना प्रभारी ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस का यह विशेष अभियान केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य मकसद समाज के हर वर्ग को जागरूक कर नशामुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाना है। उन्होंने छात्राओं को नशे के शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही साइबर माध्यमों से फैल रही गलत प्रवृत्तियों और युवाओं पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभावों के बारे में भी आगाह किया।
छात्राओं ने ली नशामुक्त भारत की शपथ
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं पुलिस स्टाफ की उपस्थिति में सभी छात्राओं को नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया गया। छात्राओं ने भी हाथ उठाकर शपथ ली कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगी और अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशे के खिलाफ जागरूक करेंगी।
विद्यालय प्रबंधन ने की पुलिस के प्रयासों की सराहना
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सेमरिया पुलिस के इस जनजागरूकता अभियान की सराहना की। प्राचार्य ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बनाते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी जिले के अन्य स्कूलों और कॉलेजों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाकर एक स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक समाज का निर्माण किया जा सके।
