नयी दिल्ली, 18 जुलाई (वार्ता) दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने वर्ष 2018 के एक दहेज हत्या मामले में पिछले आठ साल से फरार आरोपी मां-बेटे की जोड़ी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि आरोपियों की पहचान कंचन (52 वर्ष) और जतिन (31 वर्ष) उर्फ जितिन के रूप में हुई है। कंचन मृतका की सास है जबकि जतिन मृतका के देवर है। ये दोनों स्वरूप नगर थाना में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 302, 304बी, 498ए और 34 के तहत दर्ज प्राथमिकी नंबर 43/2018 में वांछित थे।
पुलिस के अनुसार मामला जनवरी 2018 में एक विवाहित महिला की असामान्य मौत से जुड़ा है। शुरू में हालांकि प्राथमिकी दहेज हत्या और क्रूरता के आरोपों के तहत दर्ज की गयी थी लेकिन बाद में पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि आत्महत्या की बजाय ससुराल वालों ने उसका गला घोंटकर हत्या की थी। जांच के दौरान मृतका के पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि कंचन और जतिन अपनी अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद फरार हो गये थे।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि बाद में अदालत ने दोनों को घोषित अपराधी बता दिया था। वे लगातार गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने ठिकाने बदलते रहे। पुलिस ने बताया कि कंचन ने जांचकर्ताओं को गुमराह करने के लिए अपनी ही मौत की झूठी खबर भी फैलायी थी। अपराध शाखा की टीमों ने खास जानकारी और लगातार निगरानी के आधार पर गत 15 जुलाई को हरियाणा के यमुना नगर और दिल्ली के ओखला इलाके में एक साथ छापेमारी की। कंचन को यमुना नगर से पकड़ा गया, जबकि जतिन को ओखला से गिरफ्तार किया गया।

