जीरापुर:नगर और आसपास के क्षेत्रों के अशासकीय विद्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित शासकीय पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें संचालित किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं.प्राप्त जानकारी के अनुसार कक्षा 1 से 5 तक कम से कम 4 शासकीय पुस्तकें और कक्षा 6 से 10 तक 6 शासकीय पुस्तकें संचालित करना अनिवार्य है. इसके साथ ही विद्यालयों को अपने यहां संचालित पुस्तकों की सूची निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करना भी आवश्यक है.
लेकिन सूत्रों के अनुसार, कई अशासकीय विद्यालयों ने अब तक पोर्टल पर पुस्तकों की सूची साझा नहीं की है. वहीं अभिभावकों का आरोप है कि उन्हें विशेष दुकानों से निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है. जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है.अभिभावकों का कहना है कि बाजार में उपलब्ध शासन द्वारा अनुशंसित पुस्तकों के बजाय निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लगाई जा रही हैं. जिनकी कीमत सामान्य पुस्तकों की तुलना में काफी अधिक है.शासन की गाईड लाइन का पालन करना अनिवार्य है अशासकीय विद्यालयों को नोटिस देकर सूचित करते हैं.
रामबाबू पाटीदार, बीईओ
