
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस देवनारायण मिश्रा की एकलपीठ ने कालोनी डेवलपमेंट विवाद में आरोपी जायद खान की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी। राज्य शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता सीके मिश्रा ने जमानत अर्जी का विरोध किया। दलील दी गई कि आवेदक के विरुद्ध शिकायत को गंभीरता से लेकर अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी के पास कालोनी डेवलप करने का लाइसेंस नहीं है और अनुबंध की शर्तें पूरी नहीं हुईं। जबकि आवेदक के वकील ने दलील दी कि मामला सिविल प्रकृति का है।
जमीन का विक्रय विलेख व नामांतरण हो चुका है। अनुबंध के अनुसार 8 महीने में भूमि डायवर्ट कर आरसीसी रोड, ड्रेनेज व बिजली के पोल लगाने थे। आवेदक ला ग्रेजुएट है, आपराधिक रिकार्ड नहीं है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अग्रिम जमानत देना उचित न मानते हुए अर्जी निरस्त कर दी। इस मामले में जायद के पिता अब्दुल कदीर उर्फ कज्जू भी फरार हैं, जिस पर पहले से से हनुमानतालए गोहलपुर व अधारताल थानों में बम विस्फोट, मारपीट, धोखाधड़ी सहित कई प्रकरण दर्ज हैं। इससे पहले सिविल कोर्ट ने जायद की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त की थी।
