प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के 50वें स्थापना दिवस पर दी 4,000 करोड़ रुपये की सौगात, स्वास्थ्य, शिक्षा और कनेक्टिविटी से जुड़ी दर्जनों परियोजनाओं का किया उद्घाटन और शिलान्यास

गंगटोक | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सिक्किम के राज्य बनने के 50वें वर्ष (स्वर्ण जयंती) के समापन समारोह के अवसर पर गंगटोक के पालजोर स्टेडियम से राज्य को 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं का विस्तार बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य सिक्किम में समावेशी विकास को नई गति देना है। इस दौरान पीएम ने नामची में 100 बेड वाले आयुर्वेद अस्पताल की नींव रखी और एनआईटी देवराली में सोवा रिग्पा अस्पताल का उद्घाटन कर पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को मजबूती प्रदान की।

शिक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए प्रधानमंत्री ने सिक्किम यूनिवर्सिटी के स्थायी परिसर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सीलेंस के प्रशासनिक ब्लॉक का उद्घाटन किया। इसके साथ ही, राज्य के 160 स्कूलों में आईटी-सक्षम शैक्षिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की शुरुआत की गई, जो छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ेंगी। कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए तीस्ता नदी पर दो नए डबल-लेन स्टील आर्च ब्रिज की आधारशिला रखी गई, जो नामची और गंगटोक जिलों के बीच परिवहन को सुगम बनाएंगे। इसके अतिरिक्त, सड़कों को चौड़ा करने और बिजली नेटवर्क के सुधार से राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नया बल मिलेगा।

सिक्किम की अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार पर्यटन और कृषि को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी ने कई अहम कदम उठाए। उन्होंने गंगटोक में रिज क्षेत्र के पुनर्विकास और कैलाश मानसरोवर यात्रा से संबंधित बुनियादी सुविधाओं का लोकार्पण किया। कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव के लिए ‘सिक्किम इफको (IFFCO) प्रोसेसिंग प्लांट’ का उद्घाटन किया गया, जिससे स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने और एग्रो-प्रोसेसिंग को वैश्विक पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। पर्यावरण संरक्षण के लिए सिंगताम में सीवरेज सिस्टम और नदियों को प्रदूषण मुक्त करने की योजनाओं की शुरुआत भी की गई, जो राज्य के पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने में सहायक होंगी।

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