
जबलपुर। कटनी जिले के विजयराघवगढ़ क्षेत्र में काबिज अतिक्रमणकारियों को पूर्व आदेश के तहत चिन्हित कर मामले को ठंडे बस्तें में डाले जाने का आरोप लगाने वाले मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया व जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने मामले में एसडीओं विजयराघवगढ़, नायब तहसीलदार व नगर परिषद विजयराघवगढ़ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये है। इसके साथ ही याचिकाकर्ता को निर्देशित किया है वह स्थानीय अखबारों में उक्त संबंध में नोटिस का प्रकाशन कराये, ताकि जो भी अतिक्रमणकारी अपना पक्ष रखना चाहे वह इस न्यायालय में आ सकें। युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है।
यह जनहित याचिका विजयराघवगढ़ निवासी धीरज प्रसाद साहू की ओर से दायर की गई है। जिनकी ओर से अधिवक्ता उत्कर्ष अग्रवाल ने पक्ष रखा। जिन्होंने न्यायालय को बताया कि विजयराघगढ़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अतिक्रमणकारियों ने निर्माण कर कब्जा कर रखा है। उक्त मामले को पूर्व में एक याचिका दायर हुई थी। जिसके बाद अतिक्रमणकारियों को चिन्हित किया गया था। जिनमें से कई अतिक्रमणकारियों ने अपने कब्जें हटा लिये थे, जिनमें आवेदक भी शामिल था, लेकिन उसके बाद पूरी कार्रवाई को ठंडे बस्तें में डाल दिया गया, जिसका नतीजा ये हुआ कि दर्जनों अतिक्रमणकारी आज भी काबिज है। मामले में प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन विभाग, कलेक्टर कटनी, एसडीओं, नायब तहसीलदार व नगर परिषद विजयराघवगढ़ को पक्षकार बनाया गया है। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त निर्देश देते हुए अनावेदकों से जवाब तलब किया है।
