
मंदसौर। जिले में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अब हाईवे सहित प्रमुख मार्गों पर संचालित ढाबों की सघन जांच की जाएगी। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की गैर कानूनी गतिविधि पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश शुक्रवार को सुशासन भवन सभाकक्ष में आयोजित नशा मुक्ति एवं मादक पदार्थ उन्मूलन अभियान तथा पीएम राहत योजना की समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने दिए। बैठक में जिले में नशे की रोकथाम, सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटना पीड़ितों को मिलने वाली सहायता योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने निर्देश दिए कि नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों के बीच जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वाहनों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगे हों तथा परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर औचक निरीक्षण किए जाएं।
बैठक में पीएम राहत योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि दुर्घटना में घायल एवं प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति की पोर्टल पर अनिवार्य रूप से एंट्री की जाए। साथ ही पीड़ित का मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाए, जिससे योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जा सके।
इस दौरान जिले के अधिक दुर्घटना वाले रोड स्पॉट को लेकर भी चर्चा की गई तथा दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। बैठक के अवसर पर नशा मुक्ति अभियान से संबंधित जागरूकता पोस्टर का विमोचन भी किया गया।
बैठक में डीएफओ संजय रायखरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बघेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
