फोर्टीफाइड चावल की कालाबाजारी का फिर भण्डाफोड

ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र में पिसनारी नहर के पास पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान एक पिकअप वाहन में लदे सरकारी योजना के फोर्टीफाइड चावल को बरामद किया गया है। इस मामले में वाहन चालक और मालिक के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विगत 20 जुलाई 2025 को अपराह्न लगभग 3.40 बजे कोतवाली पुलिस द्वारा पिकअप संख्या यूपी 94 टी 7232 को रोका गया, जिसे श्रीचन्द्र कुशवाहा चला रहा था। जांच में सामने आया कि उक्त वाहन में 53 बोरी चावल, 4 बोरी जी (चना), और 4 बोरी भूसा लदा हुआ था, लेकिन कोई वैध दस्तावेज या अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। पूर्ति निरीक्षक दीपक जैन द्वारा की गई जांच में यह चावल सरकारी योजनाओं में राशन, आईसीडीएस, और एमडीएम (मिड-डे मील) में वितरित होने वाला फोर्टीफाइड चावल पाया गया। उल्लेखनीय है कि ललितपुर में चावल की पैदावार नगण्य है, जिससे स्पष्ट होता है कि इस चावल की आपूर्ति गैरकानूनी माध्यम से की जा रही थी। गाड़ी मालिक सोन सिंह एवं चालक श्रीचन्द्र कुशवाहा के विरुद्ध जिलाधिकारी के आदेशानुसार प्राथमिकी संख्या 0829/2025 दर्ज कर ली गई है। यह कृत्य उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण नियंत्रण का विनियमन) आदेश 2016 का उल्लंघन है जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत दंडनीय है। बरामद चावल को स्थानीय उचित दर विक्रेता राकेश साहू के सुपुर्द करते हुए सुरक्षित रखा गया है, जो उच्चाधिकारी या न्यायालय के आदेश पर प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं वाहन को कोतवाली परिसर में खड़ा कर अग्रिम कार्यवाही हेतु रखा गया है। जांच रिपोर्ट, बरामदगी फर्द, गवाहों के बयान एवं एफसीआई की प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि यह चावल सरकारी योजना से संबंधित था और अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था। प्रशासन की सतर्कता से एक बड़ी कालाबाजारी का पर्दाफाश हुआ है, जिससे गरीबों के हक का राशन अवैध धंधेबाजों के हाथों में जाने से रोका जा सका है।

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