
शाजापुर, पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह (राहुल भैया) आज शाजापुर की राजनीति में फेविकोल की भूमिका निभाने आए थे. उद्देश्य था खंड-खंड में बिखरी कांग्रेस को एक धागे में पिरोना, लेकिन शहर की सरजमीं पर उतरते ही उन्हें अहसास हो गया कि यहां एकता के नाम पर सिर्फ विभाजन की ही प्रचुरता है. अजय सिंह अलग-अलग गुटों के नेताओं से अलग-अलग मिले. हालांकि वरिष्ठों ने एक-दूसरे के कार्यक्रम से दूरियां बनाई, जिससे गुटों का नहीं हो पाया मेल और कांग्रेस का मिशन एकता हो गया फैल.
अजय सिंह का दौरा शुरू होते ही गुटों की मैराथन शुरू हो गई थी. मल्हार गार्डन में आयोजित कराड़ा कांग्रेस के कार्यक्रम में गोहिल कांग्रेस और सिकरवार कांग्रेस खेमे ने ऐसी दूरी बनाई, जैसे ये कभी एक जाजम पर पहले कभी बैठे ही न हों. अजय सिंह जब पूर्व विधायक हुकुमसिंह कराड़ा से मुलाकात कर रहे थे, तो वीरेंद्र सिंह गोहिल और रामवीरसिंह सिकरवार की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही. हालांकि ये होना भी था, क्योंकि अजय सिंह कब और कहां किस नेता से मिलेंगे, यह पहले ही तय था. ऐसे में टिकट की नई दावेदार गोहिल कांग्रेस ने अजय सिंह की अगवानी के लिए राधा गार्डन में कार्यक्रम आयोजित किया. यहां कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह ने गोहिल कांग्रेस से ऐसी दूरी बनाई, जैसे किसी ने उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दे दिया हो. एक-दूसरे के कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति ने इस बात को साबित कर दिया कि कांग्रेस में गुटबाजी का बीज अब विशाल वृक्ष बन गया है, जिसकी कई शाखाएं हैं, जो कभी एक नहीं हो सकती. कुल मिलाकर कांग्रेस को एकजुट और मजबूत करने के लिए आए अजय सिंह के सामने ही कांग्रेस टुकड़ों में बटी हुई नजर आई.
गुटबाजी समस्या नहीं, संस्कृति बन गई
राहुल भैया का यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि शाजापुर कांग्रेस में गुटबाजी अब कोई समस्या नहीं, बल्कि एक संस्कृति बन चुकी है. यहां पंजे के निशान के नीचे अब ढेर सारे हाथ काम कर रहे हैं, जो आपस में ही एक-दूसरे को नीचा दिखाने में व्यस्त हैं. तो कुछ हाथों ने फूल को भी थाम रखा है. शाजापुर के कांग्रेसियों का यह हाल देखकर एक आम कार्यकर्ता बस यही गुनगुना रहा है आए तो थे जोडऩे हमें, पर खुद ही टूट कर चले गए… कुल मिलाकर खंड-खंड, गुट और कई उपगुटों में बटी कांग्रेस के लिए अजय सिंह का यह दौरा चर्चा में है.
फूलछाप कांग्रेसी नेता के घर पहुंचकर कांग्रेस को मजबूत करने की विनती
अजय सिंह के दौरे के बीच एक तरफ जहां कांग्रेसियों की गुटबाजी आज पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही, तो इस दौरे की एक खास बात यह भी थी कि अजय सिंह ने फूलछाप कांग्रेसी नेता के घर जाकर उनसे कांग्रेस को मजबूत करने की विनती भी की. दरअसल, अजय सिंह वाजपेयी कांग्रेस के घर भी पहुंचे. बता दें विनीत वाजपेयी वो कांग्रेसी है, जो शुजालपुर में भाजपा की जीत की दुआ कर रहे थे और शाजापुर में भी वे समय-समय पर कराड़ा हराओ समिति के संयोजक रहे. अजय सिंह के स्वागत के लिए वाजपेयी ने फ्लैक्स लगाकर खुद को कांग्रेस का कर्मठ नेता होने का जरूर दम भरा हो, लेकिन शुजालपुर और शाजापुर में कांग्रेस की राजनीति में उनका क्या स्थान है, ये तो कांग्रेसी और भाजपाई दोनों जानते हैं.
सुसनेर विधायक ने कहा प्रदेश अध्यक्ष धृतराष्ट्र
शाजापुर में खंड-खंड कांग्रेस के अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद अजय सिंह आगर पहुंचे. यहां कबीलों में बटी कांग्रेस का कार्यक्रम नलखेड़ा में आयोजित किया गया. लेकिन आगर जिले के सुसनेर से एकमात्र कांग्रेसी विधायक भैरू सिंह बापू को इस कार्यक्रम की सूचना नहीं दी गई, जिस पर उन्होंने भरी मीटिंग में प्रदेश कांग्रेस के मुखिया को धृतराष्ट्र बताते हुए कहा कि ऐसे कांग्रेस मजबूत नहीं होगी. यदि ऐसा ही आलम रहा तो मैं पार्टी छोड़ दूंगा. उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में इस तरह की गुटबाजी या कोई कार्यक्रम हुआ, तो में सभी का मुंह काला करूंगा. यह मीडिया सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. विधायक बापू ने कहा कि 15 महीने की कांग्रेस सरकार में प्रदेश के मंत्रियों के बंगले के बाहर कार्यकर्ता बैठे रहते थे, लेकिन मंत्रियों के पास उनसे मिलने का समय नहीं था. ऐसे में जो 2028 में कांग्रेस की सरकार बनने का जो सपना देख रहे हैं, वो सपना कभी पूरा नहीं होगा
