ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों के लिए वीज़ा नियम किए सख्त

वाशिंगटन, 17 जुलाई (वार्ता) अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों के लिए वीज़ा नियम को ज्यादा सख्त बनाने की योजनाओं के संबंध में अंतिम सूचना जारी की है। इन नियमों के अंतर्गत विदेशी छात्रों को संघीय सरकार की अनुमति के बिना चार साल से ज़्यादा समय तक अमेरिका में रहने की अनुमति नहीं मिलेगी। यह जानकारी बीबीसी से प्राप्त हुई।

इसमें कार्यक्रम बदलने और विश्वविद्यालय या कॉलेजों के बीच स्थानांतरण की सुविधा पर भी रोक लगेगी। अब तक, उच्च शैक्षणिक संस्थानों के पास वीज़ा की अवधि बढ़ाने का अधिकार था।

होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने कहा कि सितंबर से लागू होने वाली यह नीति वीज़ा के बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल को रोकती है और नियमित जांच-पड़ताल के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करती है।

अंतरराष्ट्रीय शिक्षकों के संघ ने नए नियमों को भ्रामक एवं अनावश्यक करार दिया है।

अबतक, एफ-1 और जे-1 एक्सचेंज वीज़ा वाले विदेशी छात्रों को “स्टेटस की अवधि” के तहत अमेरिका में रहने की अनुमति मिलती थी, जिसका मतलब था कि वे अपनी डिग्री पूरी होने तक अमेरिका में रह सकते थे। नए नियमों के तहत उनके रहने की अवधि पर समय सीमा तय कर दी जाएगी।

होमलैंड सिक्योरिटी सचिव मार्कवेन मुलिन ने कहा, “दशकों से, विदेशी छात्रों को अमेरिका में अनिश्चितकाल के लिए प्रवेश दिया जाता रहा है जिससे हजारों लोग अमेरिका छोड़ने से बचने के लिए लगातार पाठ्यक्रमों में नामांकन करके हमारी आव्रजन प्रणाली का दुरुपयोग कर सके हैं।”

हालांकि अमेरिका में अधिकांश स्नातक प्रोग्राम आम तौर पर चार साल के होते हैं लेकिन डॉक्टरेट जैसे स्नातकोत्तर प्रोग्राम पूरा करने में ज़्यादा समय लगता है। ज़्यादातर विदेशी छात्र स्नातकोत्तर प्रोग्राम में दाखिला लेते हैं, खासकर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में।

उन पाठ्यक्रमों को पूरा करने और शोध प्रकाशित करने में आमतौर पर अधिक समय लगता है। शोध के लिए वित्तीय कमी और व्यक्तिगत परिस्थितियां भी अक्सर अध्ययन अवधि को लंबा कर देती हैं।

नए नियमों के तहत, विदेशी छात्रों को अब स्नातकोत्तर करने के बाद वापस जाने या किसी दूसरी वीज़ा श्रेणी में बदलने के लिए 30 दिन का समय मिलेगा जो पहले 60 दिन का था।

एनएएफएसए जो कि एक गैर-लाभकारी संगठन है और विदेशी छात्रों के नामांकन पर स्कूलों को सलाह देता है उसने नए नियमों की आलोचना की है। इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी, फैंटा ऑ ने कहा कि नई नीति “ऐसी व्यवस्था में अनिश्चितता, नौकरशाही एवं डर उत्पन्न करती है, जो लंबे समय से प्रभावी तरीके काम करती रही है। यह ऐसी समस्या का समाधान है जो वास्तव में है ही नहीं।”

ये नए नियम ट्रंप प्रशासन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं जिसका उद्देश्य विदेशी छात्रों की संख्या कम करना और अमेरिका में आप्रवासन को सीमित करना है।

ट्रंप प्रशासन ने कुछ बेहतरीन कॉलेजों में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने की कोशिश की है और उन छात्रों के वीज़ा रद्द करने की दिशा में कदम उठाए हैं जिन्होंने अमेरिकी विदेश नीति की आलोचना की है।

 

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