
धार। भोजशाला में नमाज बंद होने के बाद प्रशासन में मुस्लिम पक्ष को ग्राम मालीवाडा में 40 पीर के पास नमाज अदा करने के लिए जगह दी है। यहां खसरा नंबर 664 की जमीन को अस्थाई रूप से उपलब्ध करवाया गया है। यह निर्णय भोजशाला विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद शुक्रवार को धार जिला प्रशासन ने दोनों पक्षों की बैठक के बाद लिया।
जानकारी अनुसार मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा धार भोजशाला को मां वाग्देवी मां सरस्वती का मंदिर घोषित किए जाने के बाद मुस्लिम पक्ष ने इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। 14 जुलाई को सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार करते हुए यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि अंतिम निर्णय होने तक मुस्लिम समाज को भोजशाला परिसर के निकट दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज अदा करने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जाए। परिसर में किसी प्रकार का बदलाव न किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में जिला प्रशासन ने दोनों पक्षों के साथ चर्चा कर 40 पीर के पास स्थित जमीन को नमाज के लिए उपलब्ध करवाई है।
शांति और सुरक्षा के मद्देनजर दी जगह
प्रशासन का कहना है कि मुस्लिम पक्ष द्वारा सुझाया गया स्थान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त नहीं है, इसलिए शांति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया गया। वहीं मुस्लिम समाज के अध्यक्ष अब्दुल समद ने प्रशासन के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट की भावना के अनुरूप परिसर से सटी हुई जगह नहीं दी गई।
सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस फोर्स तैनात
जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। एडिशनल एसपी ने बताया कि शहर में लगभग 200 से 250 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो और शहर में अमन, शांति एवं सौहार्द बना रहे।
