
बागली। जिला सहकारी को-ऑपरेटिव बैंक बागली में 35 वर्षों तक सेवा देने वाले महंत शिव प्रसाद बैरागी का निधन 17 जुलाई शुक्रवार को इंदौर में हो गया उनकी की अंतिम यात्रा अरिहतं नगर (नेनोद) इंदौर से मुक्ती नाम तक निकली उक्त यात्रा में बड़ी संख्या में रिश्तेदार और परिचित शामिल हुए दिवंगत बेरागी जी रजनीकांत बैरागी एवं नरेंद्र बैरागी के पिताजी तथा अश्लेष बैरागी विश्लेष बैरागी के दादाजी एवं दशमेश बैरागी के परदादा थे। शिव प्रसाद बैरागी विगत 7 वर्षों से अपने पुत्रों के पास इंदौर चले गए थे। बागली नगर में हर कोई उन्हें जानता पहचानता है। बेकं से सेवा निवृती के बाद उनका रुझान आर्य समाज की ओर रहा आर्य समाज के माध्यम से बागली हाटपिपलिया क्षेत्र में उन्होंने धार्मिक यज्ञ अनुष्ठान एवं बौद्धिक कार्यक्रमों में अपनी अहम भूमिका निभाई सिंहस्थ एवं कुंभ के समय उज्जैन हरिद्वार इलाहाबाद नासिक आदि स्थानों पर उनके के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालु आर्य समाज के केपं पहुंच कर तीन दिवसीय पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त करके अपने-अपने क्षेत्र में आर्य समाज का प्रचार करते उनके निधन पर सामाजिक कार्यकर्ता नारायण भाटी राम प्रसाद खराडिया मांगी लाल योगी शंकर भाटी घनश्याम यादव उमेश मंडलोई मुन्ना पंचोली अशोक बैरागी राजेंद्र पाठक मुकेश गोस्वामी सुनिल योगी दिलीप भाटी राजू चौधरी लक्ष्मण यादव आदि ने दुख जताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
*नातींन को दी प्रॉपर्टी की राशि*
बागली नगर में उनकी मेहनत की कमाई से बनाए गए मकान को बेचकर जो राशि मिली वह समस्त राशी उन्होंने अपनी लड़की की लड़की 40 वर्षीय पिंकी (नातीन )को देकर बहुत अनुकरणीय पहल प्रस्तुत की उनके इस दान में उनके के पुत्रों एवं पुत्र वधूवो ने भी सहमति दी जो भारतीय परिवार में अनूठी मिसाल है। विदित हो कि उनकी स्वयं की लड़की के निधन के बाद। नवजात नातीन पीकीं को अपने पास रखा और उसके शादी विवाह भी संपन करवाये। बिते 2 महीने पूर्व स्वयं परिवार के साथ बागली आए और मकान का सौदा करते हुए यह साहसिक निर्णय लिया।
