सागर: बुन्देलखण्ड के संभागीय मुख्यालय सागर स्मार्ट सिटी की बेतरतीब यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने की कवायद एक बार फिर शुरू होने जा रही है। तमाम प्रयासो के बावजूद शहर के ह्दय स्थल कटरा बाजार मे फुटपाथ और हाथ ठेला पर संचालित दुकानो से पैदल चलना मुश्किल हो गया है।नगर विधायक शैलेन्द्र जैन, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी और नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री की उपस्थिति में समीक्षा बैठक मे स्पष्ट किया गया कि जन-सुविधाओं से जुड़ी चालू परियोजनाओं को तत्काल उपयोगिता के स्तर पर लाया जाए ताकि आमजन को उनका सीधा लाभ मिल सके।नगर निगम के राजस्व सुदृढ़ीकरण और वित्तीय आत्मनिर्भरता को लेकर बैठक में एक व्यापक कार्ययोजना पर सहमति बनी।
जीआईएस मैपिंग के माध्यम से बड़ी संपत्तियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों आदि पर संपत्ति कर के तार्किक निर्धारण, त्वरित रिकवरी करने की रणनीति पर चर्चा हुई। इसके साथ ही, निगम के बढ़ते वित्तीय भार को नियंत्रित करने, राजघाट परियोजना के बिजली खर्च, रखरखाव लागत की समीक्षा की गई और बिजली भार कम करने के लिए सोलर पैनल जैसे विकल्प की संभावना तलाशने और क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त एनर्जी ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में कहा गया कि शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को भी ‘एनर्जी एफिशिएंसी मॉडल’ पर स्थानांतरित किया जाए।
विधायक श्री जैन ने आवास योजनाओं के तहत लंबित/ अपूर्ण कार्यों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। जिसके अंतर्गत कनेरा देव (EWS) एवं मेनपानी परियोजनाओं में आवंटन तथा हस्तांतरण की प्रक्रियाओं को समय सीमा तय करके पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन हितग्राहियों ने तय राशि जमा कर दी है, दस्तावेज संबंधी कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं , उन्हें अतिशीघ्र आवास हस्तांतरित किया जाए। स्मार्ट सिटी के तहत बहुप्रतीक्षित ट्रांसपोर्ट नगर, मैकेनिक नगर परियोजना को टेंडर प्रक्रिया के बाद गति लाने के निर्देश दिए गए। डेयरी विस्थापन की समीक्षा करते हुए स्पष्ट हिदायत दी गई कि शहर हित में विस्थापन की प्रक्रिया को सख्ती से पूर्ण किया जाए। ऐसे डेरी संचालक जिन्होंने भूखंड आवंटन और नोटिस मिलने के बावजूद ना तो पशुओं को स्थानांतरित किया है ना ही मौके पर शेड निर्माण कराया है, बल्कि शहर में ही डेरी संचालित कर रहे हैं। ऐसे डिफॉल्टर्स के आवंटन निरस्त कर जमा राशि राजसात की जाए और नए आवेदकों को नियमानुसार स्थान दिया जाए।
महापौर श्रीमती तिवारी ने कहा कि नगर निगम को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाना और सागर के नागरिकों को उच्चस्तरीय बुनियादी सुविधाएं देना हमारा मुख्य ध्येय है। बिजली बिल समीक्षा पर उन्होंने एनर्जी ऑडिट और एफिशिएंसी की बात कही। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। राजस्व संग्रहण में पारदर्शिता और तेजी लाकर शहर के विकास पहिये को और गति दी जा रही है।निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार ने कहा कि नगर निगम परिषद शहर के सर्वांगीण विकास और जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है।
विकास कार्यों की सतत निगरानी, और वित्तीय अनुशासन को अक्षुण्ण बनाए रखने हम लगातार कार्य कर रहे हैं।बैठक में शहर के हृदय स्थल कटरा बाजार की यातायात व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया गया। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए हाथ-ठेला व्यवसायियों को तय हॉकर्स जोन में शिफ्ट करने हेतु एक सप्ताह का समय देते हुए 21 जुलाई की अंतिम समय-सीमा निर्धारित कर नगर निगम के अमले को कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे शहर के सभी वार्डों में भी हॉकर्स जोन विकसित कर, क्रियाशील करें ताकि हाथ-ठेला व्यवसायियों का सुचारू पुनर्वास हो सके और मुख्य मार्गों पर आवागमन निर्बाध रहे।निर्धारित समयावधि के पश्चात मुख्य मार्गों और कटरा बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण या यातायात बाधित करने वालों के विरुद्ध नगर निगम और पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से सख्त वैधानिक एवं जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
