खंडवा:जिले के आदिवासी अंचल खालवा में आयोजित पारंपरिक छकड़ा रेस यानी बैलगाड़ी दौड़ का रोमांच उस वक्त हादसे में बदल गया, जब रेस में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली बैलगाड़ी अनियंत्रित होकर सीधे एक कुएं में जा गिरी। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और कुएं में गिरे बैलों को ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए रस्से की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना खालवा क्षेत्र के ग्राम बोरखेड़ा की है, जहां जोगीबाबा मेले के दौरान इस दौड़ का आयोजन किया गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसा रेस अपने अंतिम चरण में थी। भीलखेड़ी गांव के किसान की बैलगाड़ी ने जैसे ही फिनिश लाइन पार कर 31 हजार रुपए का दूसरा इनाम अपने नाम किया, वैसे ही बैलों को नियंत्रित करने वाला रस्सा अचानक टूट गया। रस्सा टूटते ही किसान का बैलों पर से नियंत्रण खत्म हो गया। हादसा होते देख बैलगाड़ी हांक रहे किसान ने सूझबूझ दिखाई और चलती गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई, जबकि तेज रफ्तार बैलगाड़ी सीधे पास स्थित एक बिना मुंडेर के कुएं में जा गिरी। संयोग से कुआं ज्यादा गहरा नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
बैलगाड़ी के कुएं में गिरते ही वहां मौजूद ग्रामीणों की भीड़ दौड़ पड़ी। तुरंत रस्से मंगवाए गए और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बैलों को सुरक्षित बाहर खींच लिया गया, हालांकि बैलगाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। समिति ने इस दौड़ के लिए 3100 रुपये की एंट्री फीस तय की थी।
