वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालिया प्राइमटाइम संबोधन में देश की सैन्य शक्ति और विदेशों में चल रहे ऑपरेशन्स पर बड़ा बयान दिया है। राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनके प्रशासन ने अमेरिकी सेना को विश्व की सबसे शक्तिशाली फोर्स के रूप में पुनर्गठित किया है और अब वे ईरान में भी बड़ी जीत की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि वे सैन्य बल के उपयोग के पक्ष में नहीं थे, लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों ने उन्हें सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर किया है।
ईरान और वेनेजुएला में अमेरिकी सफलता के दावे
ट्रंप ने वेनेजुएला में मिली सफलता का उल्लेख करते हुए ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ की जा रही सैन्य कार्रवाई का असर जल्द ही दिखाई देगा और वाशिंगटन को इसका सकारात्मक फल मिलेगा। राष्ट्रपति के इस दावे से पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी संकेत दिए थे कि विनाशकारी हमलों के दबाव के कारण ईरान अब अमेरिका के साथ समझौते की इच्छा व्यक्त कर रहा है और दोनों पक्षों में निरंतर बातचीत जारी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई
ईरान पर अमेरिकी हमले लगातार जारी हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य उनकी उन सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना है, जिनका उपयोग होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को डराने या खतरा पैदा करने के लिए किया जा रहा था। यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह ऑपरेशन क्षेत्र में अमेरिकी हितों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ता यह सैन्य संघर्ष दोनों देशों के बीच की बढ़ती शत्रुता और तनावपूर्ण राजनयिक स्थितियों को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।

