नई दिल्ली, शिक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर जारी सोनम वांगचुक का अनशन आज 18वें दिन में प्रवेश कर गया है। शारीरिक कमजोरी के बावजूद वांगचुक ने संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है। इस बीच, आज शाम आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और किसान नेता राकेश टिकैत आंदोलन स्थल पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात करेंगे। प्रमुख हस्तियों के इस दौरे से परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही तय करने की मांग और अधिक तेज होने की उम्मीद है।
लोकतंत्र के ‘एक्सपीरिएंशियल एजुकेशन डे’ का आह्वान
सोनम वांगचुक ने छात्रों और नागरिकों से 20 जुलाई को बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुँचने की अपील की है। उन्होंने इसे महज प्रदर्शन नहीं, बल्कि ‘अनुभवात्मक शिक्षा’ का अवसर बताया है, जहाँ छात्र लोकतंत्र को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें। वांगचुक का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर सरकार तक एक सशक्त संदेश पहुँचाना है। उनका मानना है कि जनभागीदारी से ही शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव और संसद तक इस गंभीर मुद्दे को प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकता है।
देशव्यापी सांकेतिक भूख हड़ताल की मुहिम
इस आंदोलन को अब व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है, जिसके चलते ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देशभर में एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल का आह्वान किया है। लोग सोशल मीडिया पर खाली थाली के साथ #ISupportSonam अभियान से जुड़कर इस मुहिम को समर्थन दे रहे हैं। यह आंदोलन अब केवल एक व्यक्ति का संघर्ष नहीं रहा, बल्कि देशभर के छात्रों और अभिभावकों के भविष्य से जुड़ा एक बड़ा सामाजिक मुद्दा बन चुका है, जो जवाबदेही की मांग कर रहा है।

