सीहोर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सुपरवाइजरों पर आरोप लगाए हैं. कलेक्ट्रेट पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विभाग के कुछ अधिकारियों और सुपरवाइजरों पर मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक शोषण करने की लिखित शिकायत कलेक्टर को की है.
कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की जांच किए जाने और समस्या के निराकरण की मांग करते हुए डिप्टी कलेक्टर स्वाति मिश्रा को बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सेक्टर एवं बाल विकास विभाग का उद्देश्य महिलाओं का सशक्तिकरण और विकास करना है. लेकिन वर्तमान में विभाग के कुछ अधिकारियों और सुपरवाइजर के व्यवहार के कारण हम कार्यकर्ता प्रताडि़त हो रही हैं.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि पहले सामग्री गांव के सेक्टर तक पहुंचाई जाती थी. अब हमें सीहोर कार्यालय बुलाकर सामग्री दी जाती है. आने-जाने और भाड़े में काफी रुपए खर्च हो रहे हैं यह राशि विभाग हमें नहीं देता है. महिला कार्यकर्ताओं के लिए कार्यालय में शौचालय की सुविधा भी नहीं है. शौचालय में ताला लगा रहता है और कहा जाता है कि बाहर ग्राउंड में चली जाओ. यह महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध है. विभाग के अधिकारियों के द्वारा महीने में 4-5 बार मीटिंग प्रोग्राम के लिए बुलाया जा रहा है जिस का भत्ता नहीं दिया जाता है. यदि कोई हितग्राही या सरपंच कार्यकर्ता का अपमान करता है तो अधिकारी कार्यकर्ता का पक्ष न लेकर उसी की कमियां निकालकर सबके सामने बेइज्जत करते हैं. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दोषी सुपरवाइजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
