
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘युवा स्वाभिमान : “जेन जी” साइक्लोथॉन’ का बुधवार को भोपाल में समापन हुआ। इंदौर से शुरू हुई इस यात्रा ने लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय की और समापन अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा, रोजगार तथा छात्रों के अधिकारों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
यात्रा के दूसरे दिन साइक्लोथॉन आष्टा से प्रारंभ होकर कोठरी, अमलई, सोंडा, गुढ़भेला, सीहोर, फंदा टोल नाका तथा भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए रॉयल मार्केट पहुंची, जहां एक सार्वजनिक सभा आयोजित की गई। समापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि यह साइक्लोथॉन शिक्षा, रोजगार और युवाओं के अधिकारों की रक्षा का आंदोलन है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार परीक्षा अनियमितताओं, सरकारी स्कूलों के बंद होने और बढ़ती बेरोजगारी ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों को पारदर्शी और निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यह अभियान राहुल गांधी की राष्ट्रव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ पहल का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि दो दिनों में दो लाख से अधिक लोगों ने साइक्लोथॉन में भाग लिया। पटवारी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने छात्रों का विश्वास तोड़ दिया है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामलों का एक माह के भीतर निराकरण हो और दोषियों को कठोर दंड दिया जाए।
पटवारी ने प्रशासन द्वारा रैली को इच्छित स्थल पर अनुमति न देने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अस्पतालों में मरीजों को असुविधा से बचाने के लिए वैकल्पिक स्थान स्वीकार किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा बजट बड़ा होने के बावजूद सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है तथा अनेक पद रिक्त पड़े हैं।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे लोकतंत्र और युवाओं के भविष्य की रक्षा का आंदोलन बताया। उन्होंने मध्य प्रदेश में समयबद्ध और पारदर्शी सरकारी भर्ती सुनिश्चित करने के लिए वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग की।
कार्यक्रम के अंत में जीतू पटवारी ने विरोध स्वरूप पुलिस अधिकारियों से कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार करने की बात कही। हालांकि प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद पुलिस ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताते हुए किसी भी गिरफ्तारी के बिना प्रतिभागियों को जाने दिया।
