
दमोह। मध्यप्रदेश शासन द्वारा समस्त विभागों के कर्मचारियों को कई वर्षों बाद पदोन्नति किया जा रहा है परन्तु पटवारी वर्ग को प्रदेश में कोई भी पदोन्नति का लाभ नहीं दिया जा रहा है जबकि भू-प्रबंधन एवं संसाधन विभाग के ही अन्य कर्मचारियों को पदोन्नति किया जा रहा है। शासन के ऐसे सौतेले एवं भेदभाव पूर्ण व्यवहार के प्रति प्रदेश में पटवारियों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। जिसमें मध्यप्रदेश पटवारी संघ भोपाल प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर दिनांक 8 जुलाई 2026 को पूरे प्रदेश में एक साथ समस्त जिलों सहित दमोह जिला में भी मुख्यमंत्री के नाम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।ज्ञापन में कैडल रिव्यू लागू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान की मांग,नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा का आयोजन होना, जज प्रोटेक्शन एक्ट में पटवारी वर्ग को शामिल करना,लंबित वित्तीय भुगतान होना व अन्य समस्याओं के निराकरण न होने से 8 जुलाई 2026 के पश्चात् 7 दिन की अवधि में शासन से विचार करने हेतु निवेदन किया गया परन्तु कोई विचार न होने से प्रदेश के समस्त पटवारी 15 जुलाई से 17 जुलाई तक तीन दिन के सामूहिक अवकाश पर ज्ञापन के लिखित चरण अनुसार चले गये हैं। जिसकी सूचना व ज्ञापन दमोह जिले की सभी तहसीलों में पटवारियों ने अपने तहसील अध्यक्ष के साथ जाकर तहसीलदार को दे दी है। पटवारी अपने शासकीय कार्य पर सीधे अब सोमवार 20 जुलाई को लौटेंगे चूंकि 18 और 19 जुलाई को शासकीय अवकाश है। अवकाश अवधि में कोई भी पटवारी ऑनलाईन या ऑफलाईन सभी शासकीय कार्य से विरत रहेंगे साथ ही अन्य शाखाओं में संलग्न पटवारी भी कार्यालयीन कार्य से विमुक्त रहेंगे। दमोह जिला के सभी पटवारी एकजुट हो मजबूती से पटवारी वर्ग के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ शासन से आरपार की लड़ाई हेतु प्रांतीय आह्वान पर हरदम तैयार हैं।
