छतरपुर: छतरपुर जिले की कमान अब 2016 बैच के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी रजत सकलेचा के हाथों में होगी। शासन द्वारा उनकी नियुक्ति के आदेश जारी होने के बाद से ही जिले में उनकी कार्यशैली और व्यक्तित्व की चर्चाएं तेज हो गई हैं। मंगलवार तक उनके छतरपुर पहुंचकर पदभार ग्रहण करने की संभावना है। आइए जानते हैं, कौन हैं रजत सकलेचा और उनकी अब तक की यात्रा कैसी रही।
दादा का सपना और सिविल इंजीनियर से IPS तक का सफर
मध्यप्रदेश के रतलाम के रहने वाले रजत सकलेचा की सफलता की कहानी कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प की मिसाल है। उन्होंने अपने दादा बापूलाल सकलेचा का सपना पूरा करने के लिए प्रशासनिक सेवा की राह चुनी। केंद्रीय विद्यालय रतलाम से प्रारंभिक शिक्षा और फिर सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद वे दिल्ली चले गए। यूपीएससी (UPSC) की चुनौती को उन्होंने तीसरे प्रयास में पार किया और 2016 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चुने गए।
चुनौतियों के बीच मनवाया अपनी कार्यशैली का लोहा
प्रशिक्षण के बाद रजत सकलेचा ने उज्जैन के बड़नगर से अपने करियर की शुरुआत की। ग्वालियर में सीएसपी (CSP) रहते हुए उन्होंने एक बड़े दंगे और बलवे को जिस सूझबूझ से नियंत्रित किया, उसने वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद भोपाल जोन-1 में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में उनकी पारी बेहद शानदार रही।
कोरोना काल में दिखा मानवीय चेहरा
रजत सकलेचा केवल सख्त अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान भी माने जाते हैं। कोरोना काल के दौरान भोपाल में पदस्थापना के समय उन्होंने फ्रंटलाइन पर लड़ रहे पुलिसकर्मियों के भोजन, स्वास्थ्य और आवास की बेहतरीन व्यवस्था सुनिश्चित की थी। संकट के समय में उनके इस नेतृत्व की काफी सराहना हुई थी।
छतरपुर में नई उम्मीद: सख्त भी, न्यायप्रिय भी
छतरपुर जिले में अवैध उत्खनन, गुंडागर्दी और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसना हमेशा से बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में रजत सकलेचा की नियुक्ति से जनता को एक सख्त और न्यायप्रिय प्रशासन की उम्मीद है। युवाओं के लिए वे एक रोल मॉडल के रूप में देखे जा रहे हैं, जिन्होंने साबित किया कि लगन हो तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
