नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में आगामी 17 जुलाई को संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। महाराष्ट्र की महायुति गठबंधन में सीट बंटवारे और राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए इस विस्तार में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को बड़ी जगह मिलने की उम्मीद है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और कल्याण से सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया जा सकता है।
महाराष्ट्र के सांसदों की दावेदारी
एकनाथ शिंदे ने दिल्ली दौरे के दौरान अपनी पार्टी के सांसदों के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल में दो berths (एक कैबिनेट और एक राज्य मंत्री) की मांग रखी है। पार्टी के अन्य सांसदों में ओमराजे निंबालकर और संजय जाधव के नाम राज्य मंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। शिंदे कैंप के 6 सांसदों में से शेष सदस्यों को अन्य संसदीय समितियों में समायोजित करने की योजना है, ताकि गठबंधन के भीतर किसी भी प्रकार की नाराजगी को समय रहते दूर किया जा सके।
महायुति में दबाव और राज्य मंत्रिमंडल में बदलाव
शिंदे गुट के साथ-साथ, अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (NCP) ने भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपने कोटे से दो मंत्री पदों की मांग की है, जिससे एनडीए नेतृत्व पर दबाव बढ़ गया है। केंद्र के अलावा, इस बदलाव का असर महाराष्ट्र के राज्य मंत्रिमंडल पर भी पड़ना तय है। सूत्रों के अनुसार, खराब प्रदर्शन करने वाले कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और उनकी जगह नए व युवा चेहरों को मौका देकर आगामी चुनावों के लिए नई रणनीति तैयार की जाएगी।

