नगर की समस्यायों से बिफरे व्यापारिक संगठन ने ननि को घेरा

सतना: पिछले काफी समय से जर्जंर सडक़, जलभराव, दूषित पेयजल यहित कई अन्य समस्यायों से जूझते आ रहे नगरवासियों के सब्र का बांध मंगलवार को उस वक्त टूटता नजर आया जब विंध्य चेंबर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में व्यापारियों ने नगर निगम का घेराव कर दिया. लगभग 6 घंटे तक चले जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के दौरान कई बार तो पुलिस-प्रशासन और व्यापारियों के बीच सीधा टकराव होता नजर आया. वहीं शाम ढलने पर महापौर और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए यह चेतावनी भी दी गई कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो नगर वासियों के आक्रोश को संभालना मुश्किल हो जाएगा.

विंध्य चेंबर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सतीश सुखेजा के नेतृत्व में  सैकड़ा भर से अधिक व्यापारियों ने मंगलवार को नगर निगम की ओर मार्च किया. यह देखते हुए शहर की आधारभूत समस्यायों से जूझ रहे नगरवासी भी काफी संख्या में साथ आ गए. देखते ही देखते नगर निगम कार्यालय के सामने जल सैलाब उमड़ता नजर आने लगा. हलांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले से ही बैरीकेटिंग लगाकर ननि की ओर जाने का रास्ता रोक लिया गया था.

इसके साथ ही खासी संख्या में पुलिस बल भी तैनात था. लेकिन इसके बावजूद भी आक्रोशितों पर इसका कोई असर होता नजर नहीं आया. कुछ देर तक बैरीकेटिंग के सामने नारेबाजी करने के बाद व्यापारी आगे बढऩे लगे और धक्का देते हुए एक हिस्से को हटा दिया गया. जिसे देखते हुए वहां पर मौजूद दमकल वाहन के जरिए पानी की बौछार शुरु कर दी गई. हलांकि वाटर कैनन के चलने से कुछ समय के लिए भीड़ तितर बितर हो गई. लेकिन इस घटना ने लोगों को कहीं अधिक आक्रोशित कर दिया. मौके की नजाकत को समझते हुए पुलिस-प्रशासन ने बैरीकेटिंग हटा दी.

जिसके बाद व्यापारिक संगठन सहित कई अन्य लोग ननि कार्यालय की सीढिय़ों पर धरना देते हुए बैठ गए. इसी दौरान काफी संख्या में नगरवासी भी वहां पहुंच गए. निगम प्रशासन की कार्यशैली को लेकर जमकर नारेबाजी होने लगी. कुछ देर तक प्रदर्शन जारी रहने के बाद मामला तब बिगड़ता नजर आने लगा जब ज्ञापन लेने के लिए निगमायुक्त सामने नहीं आए. यह बताते हुए कि आवश्यक कार्य की वजह से निगमायुक्त डॉ. शेर सिंह मीणा कार्यालय से चले गए हैं, उपायुक्त वित्त सत्यम मिश्रा ज्ञापन लेने के लिए पहुंच गए. यह देख व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपने से साफ इंकार कर दिया और निगम प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी शुरु कर दी.

 एसडीएम से नहीं बनी बात

मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिय़ा मौके पर पहुंचे और चर्चा शुरु की. लेकिन वहां पर एक ओर जहां व्यापारी काफी गुस्से में थे वहीं एसडीएम भी पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे. लिहाजा लंबे विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए व्यापारियों द्वारा टेंट हाउस से गद्दे मंगा लिए गए. लेकिन जैसे ही गद्दे अंदर पंहुचने को हुए एसडीएम ने रोक दिया. यह देख व्यापारी भी बिफर पड़े और जमकर प्रदर्शन करने लगे. इसी दौरान व्यापारियों ने चुनौती भी दे डाली कि वे सभी अपनी गिरफ्तारी देने का तैयार हैं. लेकिन सक्षम अधिकारी को ज्ञापन दिए बिना नहीं लौटेंगे. जिसे देखते हुए एसडीएम को पीछे हटना पड़ गया.

व्यापारियों के साथ बैठे महापौर

मामले में गतिरोध को लंबा खिंचता और स्थिति तनावपूर्ण बनी देख अपर कलेक्टर औा एएसपी भी मौके पर पहुंच गए. इसी कड़ी ममें महापौर योगेश ताम्रकार भी व्यापारियों के बीच पहुंच गए. व्यापारियों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वे उनके साथ खड़े हैं. यदि किसी वपारी की गिरफ्तारी होती है तो वे स्वयं भी अपनी गिरफ्तारी देंगे. जिसे देखते हुए व्यापारियों के तेवर भी कुछ नरम पड़े. लिहाजा व्यापारियों ने महापौर और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए यह चेतावनी भी दे डाली कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो नगरवासियों के आक्रोश को संभालना मुश्किल हो जाएगा

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