
मालवा- निमाड़ की डायरी
संजय व्यास
एक जनप्रतिनिधि के सामने कई तरह की परिस्थितियां आती हैं, कभी घटना सम्मानजनक होती है तो कभी अप्रिय. विषम स्थिति में धैर्य बनाए रखना ही सफल राजनीतिज्ञ की पहचान होती है. हाल के महिनों में कुछ ऐसी ही घटनाएं सामने आईं, जिसमें राजनेता आपे से बाहर हो गए. इन मामलों ने तूल भी पकड़ा, छवि नकारात्मक अलग बनी. नया मामला जावद विधायक, पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सकलेचा से जुड़ा है. जावद विधानसभा क्षेत्र के बांगरेड़ गांव की जिला मुख्यालय से जोडऩे वाली सडक़ अब तक नहीं बनी है. ग्रामीणों द्वारा बार-बार मांग किए जाने पर विधायक ने इस सडक़ को बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन रविवार को जब विधायक सकलेचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने बांगरेड़ गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उनका विरोध कर दिया. कथित तौर पर काफी कहासुनी हुई और धैर्य खो बैठे सकलेचा कार्यक्रम छोड़ वहां से चलते बने. अब उस समय का ओमप्रकाश सकलेचा का एक बयान चर्चा में है. ग्रामीणों के स्वास्थ्य केंद्र के भूमि पूजन से पहले चार साल से लंबित सडक़ निर्माण के अधूरे वादे को पूरा करने की बात उठाई गई, जिस पर विधायक के जवाब वोट देना है तो दो… को लेकर विवाद खड़ा हो गया. मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह मुद्दा पकडऩे में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी देर नहीं की. उन्होंने इस पर प्रदेशवासियों से अपील कर डाली कि यह वीडियो भले ही नीमच का हो, लेकिन ऐसा ही अहंकार मप्र के हर भाजपाई में भरा है. सत्ता की इस ठसक को ठिकाने लगाना जरूरी है.
अंतत: सैलाना भाजपा में मतभेदों पर लगा विराम
आखिर सैलाना नगर भाजपा कार्यकर्ताओं का मिलन समारोह आपसी मतभेदों को दूर करने में कामयाब रहा. लंबे समय बाद भाजपा की दो वरिष्ठ नेताओं पूर्व विधायक संगीता चारेल और भाजपा जिला उपाध्यक्ष व पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष क्रांति जोशी ने एक मंच साझा कर कार्यकर्ताओं को एकजुटता का संदेश दिया. विगत कई वर्षों से सैलाना विधानसभा और नगर भाजपा में मतभेदों की चर्चाएं होती रही थींं. मंच पर आमने-सामने आने पर दोनों नेताओं का मन पिघल गया. कार्यक्रम में क्रांति जोशी ने कहा कि भाजपा में राष्ट्र सर्वोपरि है और कार्यकर्ता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत हैं. आगामी चुनावों में सभी कार्यकर्ता मिलकर पार्टी को मजबूत करेंगे. वहीं संगीता चारेल ने कहा कि वह कभी ऐसा कार्य नहीं करेंगी जिससे पार्टी या उनकी छवि को नुकसान पहुंच. भाजपा कार्यकर्ता ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी हैं और जनहित के मुद्दों पर वह सदैव कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी रहेंगी. इस दौरान संगीता चारेल और क्रांति जोशी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर तथा पुष्पमाला पहनाकर आपसी मतभेदों की चर्चाओं पर पूर्ण विराम लगाने का संदेश दिया. उल्लेखनीय है कि गत विधान सभा चुनाव में संगीता चारेल को कार्यकर्ताओं का भरपूर सहयोग न मिलने के कारण भारतीय आदिवासी पार्टी प्रत्याशी कमलेश्वर डोडियार के सामने हार का सामना करना पड़ा था. उसके बाद से क्रांति जोशी से उनका मनमुटाव चल रहा था.
किसानों की बेचेनी बढ़ी
मानसून की हर दिन बढ़ती प्रतीक्षा अंचल के किसानों की बेचेनी बढ़ा रही है. खरीफ सीजन की बोवनी मानसून पर निर्भर है. जून खतम होने आया और बारिश नहीं होने से भूमि जोत कर बैठे किसान सोयाबीन, मूंग, उड़द और तुअर जैसी फसलों की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार सुरक्षित बोवनी के लिए कम से कम चार इंच बारिश आवश्यक है ताकि मिट्टी में पर्याप्त नमी बन सके. कई हिस्सों में किसानों ने समय पर मानसून आने की उम्मीद में पहले ही बोवनी कर दी थी. अब बारिश नहीं होने से बीज खराब होने का खतरा बढ़ गया है. उधर सिंचाई की व्यवस्था वाले इलाके के किसान भी परेशान हैं. खरगोन जिले में मानसून की देरी और जल स्रोतों के सूख जाने से किसानों के सामने सिंचाई और पशुओं के लिए पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने से वेदा, कुंदा और खारक जैसी जलधाराएं पूरी तरह सूख चुकी हैं. इससे खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है और पशुओं के लिए भी पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है. वे प्रशासन की ओर तक रहे हैं कि तालाबों का पानी बरसात न होने तक सिंचाई के लिए नालों में छोड़ दे.
फोटो- सकलेचा हुए अधीर, जीतू ने चलाया तीर … में ओम प्रकाश सकलेचा, जीतू पटवारी
– अंतत: सैलाना भाजपा में मतभेदों पर लगा विराम … में सैलाना
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