अमेरिका के ईरान पर नए हवाई हमले, गल्फ में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर IRGC का पलटवार

अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर फिर से हवाई हमले किए हैं। इसके जवाब में ईरान के आईआरजीसी ने गल्फ में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से बड़ा हमला किया है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने लगातार चौथे दिन ईरान के भीतर कई नए और बड़े हवाई हमले किए हैं। इन हवाई हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना है, जिनसे वह व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई समुद्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए की गई है।

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की सेना ने भी अपना कड़ा और जोरदार पलटवार किया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने गल्फ में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से बड़े हमले किए हैं। इन हमलों ने पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में अस्थिरता और युद्ध के बहुत बड़े खतरे को अचानक से काफी ज्यादा बढ़ा दिया है।

ईरान में कई बम धमाके
अमेरिकी सेना ने मंगलवार देर रात ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर अतिरिक्त और बहुत शक्तिशाली हवाई हमले किए हैं। ईरान की समाचार एजेंसी के अनुसार हेंगाम द्वीप, बंदर अब्बास, अहवाज शहर और क़ेश्म द्वीप पर कई भारी धमाके सुने गए हैं। अमेरिका ने इससे पहले 13 जुलाई को भी बुशेहर और चाबहार समेत कई तटीय इलाकों में मिसाइलें और खतरनाक ड्रोन दागे थे। इस समय अमेरिका के 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान मध्य पूर्व में पूरी तरह से तैयार हैं।

IRGC की जवाबी कार्रवाई
ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अजराक एयर बेस पर अमेरिकी ठिकानों पर बहुत बड़ा ड्रोन हमला किया है। इसके साथ ही ऑपरेशन प्रॉमिस-2 के तहत बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर हथियारों के स्टोरेज को मिसाइलों से निशाना बनाया गया है। ईरान ने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर मौजूद एमक्यू-9 ड्रोन लॉन्च पैड पर भी भारी बमबारी करने का अपना दावा पेश किया है। ईरानी सेना ने खुली चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका के हमले जारी रहेंगे, उनका यह कड़ा पलटवार भी नहीं रुकेगा।

कुवैत पर ड्रोन और मिसाइल दागे
कुवैत की सेना ने इस बात की पुष्टि की है कि उसने ईरान की ओर से दागी गई कई खतरनाक मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया है। सेना के एयर डिफेंस सिस्टम ने एक बैलिस्टिक मिसाइल, पांच क्रूज मिसाइलों और 33 ड्रोन को हवा में ही पूरी तरह से नष्ट कर दिया। मिसाइलों का मलबा गिरने से कुवैत में संपत्ति का नुकसान हुआ है और एक नौसैनिक पोत भी इसकी चपेट में आ गया। इस भयानक और बड़े हमले में कुल चार सैन्यकर्मी बुरी तरह घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर चेतावनी
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका को एक बार फिर से बहुत ही गंभीर चेतावनी दी है। ईरान ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका की सैन्य मौजूदगी इस क्षेत्र में बनी रही तो दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह ठप हो जाएगी। ईरान ने धमकी दी है कि वह यहां से तेल और गैस का एक भी कतरा किसी भी हाल में बाहर निर्यात नहीं होने देगा। अमेरिका की आक्रामकता का सीधा परिणाम सिर्फ और सिर्फ होर्मुज के खुलने में होने वाली भारी देरी ही होगा।

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