यथास्थिति आदेश का गलत अर्थ निकालकर दायर याचिका निरस्त

जबलपुर। हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने कटनी की सिलिको बाईट शिक्षा उत्कर्ष समिति द्वारा दायर विविध व्यवहार प्रकरण को निरस्त करते हुए स्पष्ट किया कि पूर्व में पारित यथास्थिति आदेश का संबंध भूमि के हस्तांतरण से था, निर्माण कार्य पर रोक से नहीं।

दरअसल समिति ने कटनी कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के पदाधिकारियों सहित पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त तत्कालीन तहसीलदार व पूर्व थाना प्रभारी के खिलाफ आरोप लगाया था कि हाईकोर्ट के यथास्थिति आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर निर्माण कराया गया और प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की। मामले की सुनवाई के दौरान महाविद्यालय की ओर से अधिवक्ता दीपक पंजवानी व नेहा भाटिया ने बताया कि विवादित भूमि के विक्रय को शून्य घोषित कराने का दीवानी वाद जिला न्यायालय, कटनी पहले ही निरस्त हो चुका है, जिसके विरुद्ध अपील हाई कोर्ट में लंबित है। न्यायालय ने कहा कि अपील में दायर स्थगन आवेदन में केवल भूमि का किसी अन्य के पक्ष में हस्तांतरण रोकने की प्रार्थना की गई थी। जिस पर यथास्थिति आदेश का आशय भी केवल हस्तांतरण से था, निर्माण पर रोक से नहीं। इसके आधार पर न्यायालय ने समिति की याचिका निरस्त कर दी।

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