
उज्जैन। श्रावण व भादो मास में उज्जैन में भगवान महाकाल की प्रति सोमवार को सवारी निकलती है। जिसमें श्यामू नाम की हथिनी शामिल होती है। दूसरी सवारी से हथिनी को शामिल किया जाता है। जिस पर बाबा महाकाल की चांदी की पालकी रखकर भगवान का मुखौटा निकालते हैं। लेकिन पैर की बीमारी के चलते हथिनी परेशान है और अभी तक इसके फिटनेस की जांच भी नहीं हो पाई है। इसके चलते इस बार सवारी में श्यामू हथिनी शामिल होगी या नहीं इस पर अभी संशय बना हुआ है।
पिछले करीब 10 सालों तो श्यामू हथिनी ही सवारी में शामिल हो रही है। उल्लेखनीय है कि श्यामू हथिनी को ज्वाइंट डिजनरेटिव डिजीज नाम की बीमारी है। पूर्व में उज्जैन की वन विभाग की टीम इसकी जांच कर चुकी है। उन्होंने जांच रिपोर्ट हाई पावर कमेटी को सौंपी थी। श्यामू को एक माह तक पूर्ण विश्राम पर भी रखा गया था। श्यामू की देखभाल करने वाले महावत अरुण योगी ने बताया कि इस बार महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की ओर से हथिनी श्यामू को सवारी में शामिल करने के लिए अभी तक किसी प्रकार का कोई पत्र नहीं मिला है। हम रोजाना श्यामू को जांच के लिए पशु चिकित्सालय लेकर जाते हैं पर वहां सिर्फ तापमान मापकर लौटा दिया जाता है। वन विभाग के एसडीएफओ विक्रम सिंह सोलंकी ने बताया कि डॉक्टर की टीम श्यामू का इलाज कर उसके स्वास्थ्य पर निगरानी रख रही है। सवारी में श्यामू शामिल होती है या नहीं, इसका फैसला मंदिर प्रबंध समिति ही करेगी। मंदिर समिति की ओर से हमें अभी तक हथिनी के फिटनेस टेस्ट को लेकर पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलता है तो हम जांच कर उसके आधार पर सर्टिफिकेट जारी करेंगे।
