
सौसर, सौसर विकास खंड के निजी स्कूलों में संचालित हो रही स्कूल बसों की व्यवस्था और छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। क्षेत्र के प्रतिष्ठित सांदीपनी स्कूल में छात्रों के लिए घोषित निशुल्क बस व्यवस्था पर अचानक ग्रहण लग गया है, जिससे पालकों में भारी असंतोष व्याप्त है।
*नियमों को ताक पर रखकर हो रहा संचालन -*
मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के निजी स्कूल प्रबंधन एडमिशन के समय तो पालकों को बेहतर परिवहन और निशुल्क या सुचारू बस सुविधा का प्रलोभन देते हैं, लेकिन दाखिला प्रक्रिया पूरी होते ही वे अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेते हैं। वर्तमान में सौसर विकास खंड के कई निजी स्कूलों में परिवहन नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नियमानुसार एक स्कूल के लिए निर्धारित बसें, कई अलग-अलग स्कूलों के बच्चों को एक साथ कवर कर रही हैं।
*सुरक्षा व्यवस्था पर मंडराया खतरा -*
विभिन्न स्कूलों के बच्चों को एक ही वाहन में क्षमता से अधिक ठूंस-ठूंस कर ले जाने के इस खेल से मासूम छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। ओवरलोडिंग और अव्यवस्थित रूट के कारण किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्कूल प्रबंधनों के इस अड़ियल और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण पालकों की चिंता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
*पालकों ने की एक स्कूल, एक बस की मांग -*
बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित पालकों ने अब लामबंद होना शुरू कर दिया है। पालकों की स्पष्ट मांग है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि एक स्कूल के लिए केवल एक ही समर्पित बस का संचालन किया जाए, ताकि बच्चों को समय पर और सुरक्षित घर व स्कूल पहुंचाया जा सके।
*प्रशासन से सख्त दखल की गुहार -*
निजी स्कूलों की इस मनमानी और बसों के लचर संचालन को देखते हुए पालकों ने स्थानीय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। पालकों का कहना है कि प्रशासन इस मामले में दखल देकर स्कूल बसों की सघन चेकिंग कराए और उचित एवं सुचारू बस संचालन सुनिश्चित करने के लिए स्कूल प्रबंधनों को कड़े निर्देश जारी करे, ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके।
