
दमोह। मंगलवार को जनसुनवाई में बाल्मीक समाज और हिंदूवादी संगठनों के समर्थन से दमोह का बाल्मीक समाज बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। समाज के लोगों ने महर्षि बाल्मीक के जयकारे लगाते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि कनिष्ठ अधिकारी ने ज्ञापन स्वीकार किया।ज्ञापन देते समय एडवोकेट रामअवतार बाल्मीक ने कहा कि नगर में बाल्मीक समाज की 10 हजार से अधिक जनसंख्या है। रामायण के रचयिता महर्षि बाल्मीक के प्रति समाज के साथ-साथ समस्त हिंदुओं की गहरी आस्था है, लेकिन नगर में अभी तक उनका कोई तीर्थ स्थल या प्रतिष्ठित स्थान नहीं है।उन्होंने मांग की कि हटा नाका स्थित चौराहे का, जिसका अभी तक शासन या प्रशासन द्वारा कोई अधिकृत नाम नहीं दिया गया है, नामकरण महर्षि बाल्मीक चौक के रूप में किया जाए। यह चौराहा बड़ी देवी मंदिर क्षेत्र और नगर के प्रवेश द्वार पर स्थित है।प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि इस चौराहे का नाम महर्षि बाल्मीक के नाम पर रखा जाता है तो इससे नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी। साथ ही आने वाली पीढ़ी महर्षि के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सकेगी।
