भोपाल: ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मंगलवार को जिला अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। इस दौरान CBI ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह ने वॉयस सैंपल देने की प्रक्रिया में पूरा सहयोग नहीं किया। CBI के अनुसार, अदालत पहले ही दोनों के वॉयस सैंपल लेने की अनुमति दे चुकी थी। 6 जुलाई को एजेंसी सैंपल लेने पहुंची, लेकिन समर्थ सिंह ने वॉयस सैंपल देने से साफ इनकार कर दिया, जबकि गिरिबाला सिंह ने एक बार सैंपल देने के बाद दोबारा सैंपल देने से मना कर दिया। इस संबंध में CBI ने अदालत में नया आवेदन पेश करते हुए दोनों की न्यायिक हिरासत 28 जुलाई तक बढ़ाने की मांग की।
सुनवाई के दौरान पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर भी चर्चा हुई। ट्विशा पक्ष के वकील शुभांग दीक्षित के मुताबिक, भोपाल AIIMS ने अदालत को बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और उससे जुड़े सभी दस्तावेज पहले ही CBI को सौंपे जा चुके हैं, इसलिए अलग से रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। वहीं दिल्ली AIIMS की ओर से अभी तक अदालत में कोई जवाब पेश नहीं किया गया है। सुरक्षा कारणों, अदालत परिसर में भीड़ और मीडिया की मौजूदगी को देखते हुए इस बार भी दोनों आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई।
गौरतलब है कि 25 मई 2026 को हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच की 60 दिन की वैधानिक अवधि पूरी होने से पहले एजेंसी चार्जशीट (चालान) पेश कर सकती है। यदि तय समय सीमा के भीतर चालान दाखिल नहीं होता है, तो आरोपी पक्ष कानून के तहत डिफॉल्ट जमानत का दावा कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली AIIMS के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने 10 जुलाई को अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी है। हालांकि रिपोर्ट के निष्कर्ष अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन जांच एजेंसी इसे मामले का अहम वैज्ञानिक साक्ष्य मानकर आगे की जांच कर रही है।
