जबलपुर:पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता डॉ सुनीलम को हाईकोर्ट हाईकोर्ट से झटका लगा है। अधिवक्ता द्वारा अंतिम बहस के लिए तैयार नही होने के कारण हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल तथा जस्टिस ए के सिंह की युगलपीठ ने उनकी तरफ से वीजा जारी किये जाने की अनुमति के लिए दायर आवेदन को खारिज कर दिया। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि सुनवाई के दौरान पाया कि आपराधिक अपील 14 साल से लंबित है और उनके अधिवक्ता अंतिम बहस के लिए तैयार नही है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद आवेदन को खारिज कर दिया। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि अपील 14 साल से लंबित है।
अपील करने वाले वकील खुद ही मुकदमे में अंतिम सुनवाई के लिए तैयार नही है। अधिवक्ता खुद अपील को लंबा खींचने के लिए जिम्मेदार हैं। आम तौर पर जनता में यह धारणा बनती है कि कोर्ट ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।गौरतलब है कि न्यायालय ने पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता डॉ सुनीलम सहित तीन व्यक्तियों को साल 2012 में मुलताई गोलीकांड मामले में हत्या, हत्या के प्रयास तथा सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में अधिकतम आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया था। सत्र न्यायालय मुलताई द्वारा सजा से दंडित किये जाने के खिलाफ उनकी तरफ से साल 2012 में हाईकोर्ट में अपील दायर की गयी थी। डाॅ सुनीलम को प्रकरण में सशर्त जमानत का लाभ मिल गया था।
डाॅ सुनीलम की तरफ से इराक जाने के लिए वीजा जारी किये जाने की अनुमति के लिए हाईकोर्ट में आवेदन पेश किया था। युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि आवेदन में इराक जाने की जरूरी निजी वजह का उल्लेख नही किया गया है। अपील साल 2012 से लंबित है और अंतिम बहस के संबंध में उनके अधिवक्ता का कहना है कि इस संबंध में पक्षकार से कोई दिशा-निर्देश नही मिले है। अपील में इतने लम्बे समय से लंबित होने के बावजूद भी अंतिम बहस के लिए अधिवक्ता द्वारा तैयार नहीं होने के आधार पर युगलपीठ ने आवेदन को विचार योग्य नही मानते हुए उसे खारिज कर दिया।
