एयर इंडिया को मिली इलेक्ट्रॉनिक लॉगबुक की प्राथमिक तकनीकि दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल की अनुमति

नयी दिल्ली, 13 जुलाई (वार्ता) एयर इंडिया अब अपने वाइडबॉडी बेड़े में शामिल बोइंग 787 विमानों के लिए इलेक्ट्रॉनिक टेक्निकल लॉगबुक (ईटीएल) का प्राथमिक तकनीकि दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल करेगी।

टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इसके लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से उसे मंजूरी मिल गयी है। इसके अलावा, बोइंग 777 बेड़े में भी इसके समानांतर कार्यान्वयन की अनुमति प्राप्त हो गयी है।

एयरलाइंस का कहना है कि यह पहल परिचालन प्रदर्शन, सुरक्षा, विश्वसनीयता और निरंतरता को मजबूत बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के प्रति एयर इंडिया की प्रतिबद्धता को और सशक्त बनायेगी। साथ ही, कंपनी को तकनीक-संचालित, आधुनिक वैश्विक विमान सेवा कंपनी के रूप में स्थापित करेगी।

इस मंजूरी के साथ एयर इंडिया अपने पूरे बोइंग 787 वाइडबॉडी बेड़े में इलेक्ट्रॉनिक टेक्निकल लॉगबुक लागू करने वाली दुनिया की शुरुआती विमान सेवा कंपनियों में शामिल हो गयी है। इससे पूरे बेड़े में ईटीएल का पूर्ण कार्यान्वयन सुनिश्चित होगा।

इलेक्ट्रॉनिक टेक्निकल लॉगबुक पारंपरिक कागज-आधारित रखरखाव रिकॉर्ड की जगह एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती है। इससे विमानों के रखरखाव और इंजीनियरिंग गतिविधियों का प्रबंधन अधिक तेज, सटीक और प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। यह डिजिटल प्रणाली मेंटेनेंस इंजीनियरों और परिचालन टीमों के बीच तत्काल जानकारी साझा करने की सुविधा देती है, जिससे बेहतर समन्वय, तकनीकी खामियों की शीघ्र रिपोर्टिंग और समाधान तथा विमानों की परिचालन विश्वसनीयता में सुधार होता है।

एयर इंडिया ने बताया कि ईटीएल प्लेटफॉर्म बेहतर डेटा विश्वसनीयता, डाटा तक पहुंच और नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करता है। यह उन्नत डेटा विश्लेषण की सुविधा भी प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, यह कागजरहित प्रणाली कागज की खपत में उल्लेखनीय कमी लाती है।

एयर इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (इंजीनियरिंग एवं रखरखाव) जेरेमी यू जिन किट ने कहा, “हमारे वाइडबॉडी बोइंग बेड़े में इलेक्ट्रॉनिक टेक्निकल लॉगबुक का कार्यान्वयन इंजीनियरिंग, फ्लाइट ऑपरेशंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी टीमों, मूल निर्माता साझेदारों और नियामक संस्था के बीच उत्कृष्ट सहयोग का परिणाम है। कागज-आधारित प्रक्रियाओं को रियल-टाइम डिजिटल सूचना प्रणाली से बदलकर हम परिचालन दक्षता बढ़ा रहे हैं, रखरखाव प्रबंधन को मजबूत बना रहे हैं, नियामकीय अनुपालन को बेहतर कर रहे हैं और अपनी इंजीनियरिंग तथा परिचालन टीमों को तेज और प्रभावी निर्णय लेने में सक्षम बना रहे हैं।”

 

 

 

 

 

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