उत्तर से दक्षिण तक विकास की नई राह, 60 हजार करोड़ की नई परियोजनाओं को मिली मंजूरी : योगी

लखनऊ, 13 जुलाई (वार्ता) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में उत्तर से दक्षिण तक बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने की दिशा में नई परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही पांच लाख की आबादी वाले प्रत्येक शहर में बाईपास और हर जिला मुख्यालय को फोरलेन सड़क से जोड़ने की योजना को भी केंद्र सरकार की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इन सभी परियोजनाओं पर करीब 60 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री लखनऊ में आयोजित राजमार्ग परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ उन्होंने 4,850 करोड़ रुपये से अधिक लागत की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

लोकार्पित परियोजनाओं में कानपुर-लखनऊ सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे और हरदोई-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (पैकेज-4) के फोरलेन निर्माण कार्य शामिल हैं, जबकि इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर प्रस्तावित फोरलेन फ्लाईओवर का शिलान्यास किया गया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्नाव में रक्षा मंत्री और केंद्रीय मंत्री के साथ कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ प्रदेश की सड़क एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं को सहमति और स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि पूर्व से पश्चिम तक प्रदेश में उत्कृष्ट कनेक्टिविटी विकसित हुई है और अब उत्तर से दक्षिण की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए नए क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, जो कभी बीमारू राज्य के रूप में जाना जाता था, आज आधुनिक बुनियादी ढांचे, सुशासन और बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए पहचाना जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों की संकीर्ण सोच और विभाजनकारी राजनीति के कारण प्रदेश उपद्रव, कर्फ्यू और दंगों की पहचान बन गया था, जबकि वर्तमान में उत्सव, विकास और निवेश नई पहचान के रूप में स्थापित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस राज्य में कभी सड़कों और गड्ढों में अंतर करना मुश्किल था, वही उत्तर प्रदेश आज देश में सर्वाधिक एक्सप्रेसवे वाले राज्यों में अग्रणी है। प्रदेश में सबसे बड़े रेल नेटवर्क, सर्वाधिक शहरों में मेट्रो सेवा और सबसे अधिक हवाई अड्डों के संचालन की दिशा में भी तेजी से काम हुआ है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के पहले इनलैंड वाटरवे के रूप में वाराणसी को हल्दिया से जोड़ने का कार्य भी इसी विकास दृष्टि का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ और कानपुर को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के माध्यम से जोड़ा जा रहा है, जिससे स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली जैसे जनपदों को भी बड़ा लाभ मिलेगा तथा यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में उभरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि 63 किलोमीटर लंबे सिक्स-लेन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि प्रदेश की प्रगति और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देने वाला राजमार्ग है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

 

 

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