
आलीराजपुर। जिले में बीते दिनों उंडवा, खरखड़ी, कवठू और पुलिस लाइन बोरखड़ क्षेत्र में घरों की दीवार तोड़कर हुई नकबजनी की घटनाओं का कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने शातिर गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 16 लाख रुपये कीमत का सोने-चांदी का मशरूका जब्त किया है।
पुलिस अधीक्षक *रघुवंश सिंह* ने रविवार 12 जुलाई को बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र में रतनसिंह बामनिया निवासी बड़ाउंडवा, करमसिंह, करमाबाई, छतरा डावर, मनीष कनेश और डुमसिंह बामनिया निवासी उंडवा ने दीवार खोदकर घर से चांदी के जेवर और नकदी चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए एएसपी *ज्योति उमठ बघेल* और एसडीओपी *डॉ. शक्तिसिंह चौहान* के निर्देशन में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक *सोनू सिटोले* के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपियों ने उंडवा के अलावा खरखड़ी, कवठू और बोरखड़ में भी चोरी करना कबूला। गिरफ्तार आरोपी हैं:
1. *जितेन्द्र पिता अंतरसिंह चौहान* निवासी फाटा पटेल फलिया, थाना नानपुर
2. *मोहन पिता वालसिंह चौहान* निवासी देहदला उंडली खोदरी फलिया, थाना जोबट
3. *आयुष पिता राजू चौंगड़* निवासी भोरकुंडिया स्कूल फलिया, थाना राणापुर, हाल मुकाम कुक्षी
4. *रमेश निवासी खुटाजा* और एक अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पहले से भी जोबट, आलीराजपुर और कुक्षी थानों में हत्या, चोरी, नकबजनी, लूट और मारपीट के कई प्रकरण दर्ज हैं।
*सोनार भी पकड़ाए*
चोरी का माल खरीदने के आरोप में पुलिस ने *दिव्यांशु पिता मनोज सोनार* निवासी हनुमानगंज जोबट, *लक्की पिता सुरेन्द्र चौहान* निवासी जोबट और *प्रेम उर्फ अमीष गोराना* निवासी जोबट को भी गिरफ्तार किया है। इनसे खरीदा हुआ माल भी जब्त किया गया है।
आरोपियों से सोने की अंगूठी, चैन, टॉप्स, झुमकी, मंगलसूत्र, झेले, मोती और चांदी की तागड़ी, कंदोरे, रमझोल, पायजेब, कड़े, हाटके, ब्रेसलेट, चूड़ियां, करधनी, हार व हथसकले बरामद हुए हैं। जब्त मशरूके की कुल कीमत लगभग *16 लाख रुपये* आंकी गई है। अभी शेष माल फरार आरोपियों से जब्त किया जाना बाकी है।
इस कार्रवाई में उनि सुनील रंदे, उनि कन्हैयालाल, सउनि अरुण राठौर, सउनि रामकुमार यादव, प्रआर सुनील डुडवे, दिनेश भवेल, सायबर सेल के प्रधान आरक्षक दिलीप सहित कोतवाली और सायबर सेल की टीम का सराहनीय योगदान रहा।
