21 साल से क्यों अटका है राजधानी भोपाल का मास्टर प्लान ?

दीपक तिवारी के साथ मानसी झा की रिपोर्ट

भोपाल: 21 साल… चार सरकारें… चार बार ड्राफ्ट… हजारों आपत्तियां… लेकिन भोपाल आज भी 2005 वाले मास्टर प्लान पर चल रहा है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि राजधानी का विकास दो दशक से अटका पड़ा है?
अगर आपको लगता है कि भोपाल की टूटी सड़कें, ट्रैफिक जाम और अवैध कॉलोनियां सिर्फ लापरवाही का नतीजा हैं… तो पूरी कहानी इससे कहीं बड़ी है।
भोपाल का आखिरी लागू मास्टर प्लान 1995 में बना था, जो 31 दिसंबर 2005 तक के लिए था। लेकिन उसके बाद नया मास्टर प्लान आज तक लागू नहीं हो सका।

इन 21 सालों में शहर की आबादी 25 लाख से ज्यादा हो गई… लेकिन विकास पुराने नक्शे पर चलता रहा।
नतीजा… जहां सड़कें बननी थीं वहां कॉलोनियां बस गईं… कई इलाकों में आज भी बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं अधूरी हैं… और लोगों को निर्माण की मंजूरी तक के लिए परेशान होना पड़ता है।

लेकिन सवाल है… मास्टर प्लान बार-बार अटका क्यों?
सबसे बड़ा विवाद रहा भोपाल के बड़े तालाब का।
तालाब के कैचमेंट एरिया और FTL को लेकर कभी साफ फैसला नहीं हो पाया। क्योंकि इसी इलाके में कई निर्माण और प्रभावशाली लोगों की जमीनें हैं।
यानी… तालाब बचाइए तो निर्माण हटाइए… और निर्माण बचाइए तो तालाब खतरे में।

दूसरी बड़ी वजह बनी बिल्डिंग नियमों और FAR को लेकर खींचतान।
2023 में आए ड्राफ्ट पर तीन हजार से ज्यादा आपत्तियां दर्ज हुईं… मामला फिर अटक गया।
फिर 2024 में सरकार ने पूरा ड्राफ्ट ही रद्द कर दिया… और अब 2047 तक का नया मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इस बीच भोपाल-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन की नई योजना ने प्रक्रिया को और लंबा कर दिया।
अब यह मामला सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं है… बल्कि राजनीति का मुद्दा भी बन चुका है।
10 जुलाई 2026 को भोपाल की दिशा समिति की बैठक में मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील ने सरकार को घेरा। इस दौरान बीजेपी विधायक के साथ तीखी बहस भी हुई और बैठक का माहौल गरमा गया।
बैठक में सांसद आलोक शर्मा ने मुख्यमंत्री से जल्द मास्टर प्लान लागू कराने की बात कही। साथ ही भोपाल की झीलों की सुरक्षा के लिए ‘भोजपाल वेटलैंड प्राधिकरण’ बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
अब सवाल सिर्फ एक है…
क्या 21 साल बाद भोपाल को आखिरकार नया मास्टर प्लान मिलेगा… या राजधानी का विकास आगे भी पुराने नक्शे पर ही चलता रहेगा?

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