जबलपुर: नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। नगर निगम की टीम ने शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर संवेदनशीलता के साथ बड़ी कार्यवाही की। अभियान के दौरान कुल 87 भिक्षुकों को समझाइश देकर मुख्य धाराओं से जुडऩे के लिए प्रेरित किया गया। नगर निगम की टीम ने शहर के अलग-अलग जोन और व्यस्ततम इलाकों में समानांतर रूप से यह अभियान चलाया। उन्होंने रानीताल और गेट नंबर चार व्यस्त क्षेत्र को व्यवस्थित करने के लिए टीम ने तत्परता दिखाई और यहाँ कुल 20 भिक्षुकों पर नियमनानुसार कार्यवाही की।
वहीं धार्मिक स्थलों की पवित्रता और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बाजनामठ मंदिर और मेडिकल क्षेत्र में 16 भिक्षुकों को समझाइश दी गई, शहर के प्रवेश द्वार माने जाने वाले रेलवे स्टेशन और हाई कोर्ट मजार के आस-पास से 12 भिक्षुकों को हटाया गया, जिससे राहगीरों और यात्रियों को सुगमता हो सके तथा नर्मदा तट ग्वारीघाट, साईं बाबा मंदिर ग्वारीघाट रोड, सिविल लाइंस साईं मंदिर, माता मरियम चैक और एम्पायर तिराहा जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सघन अभियान चलाकर सबसे अधिक 39 भिक्षुकों के विरुद्ध समझाइश एवं हटाने की कार्यवाही की गई।
समझाइश से बदलाव की कोशिश
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि नगर निगम ने भिक्षुकों के प्रति दंडात्मक रवैया अपनाने के बजाय बेहद संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। सभी चिन्हित भिक्षुकों को सार्वजनिक स्थलों पर भिक्षा न मांगने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। नगर निगम का उद्देश्य केवल शहर की सडक़ों को साफ करना नहीं, बल्कि भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों को सही राह दिखाना और शहर के नागरिकों व बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक भयमुक्त और स्वच्छ वातावरण तैयार करना है। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा:
