
उज्जैन। आखिर वह घड़ी आ ही गई, जिसका शहरवासियों को लंबे समय से इंतजार था। कंठाल चौराहा से सती गेट, बड़ा सराफा और छत्री चौक तक चल रहे विकास, सौंदर्यीकरण और चौड़ीकरण अभियान के तहत अब सती गेट मार्ग का भी दोनों ओर से विस्तार किया जाएगा। नगर निगम ने इस दिशा में बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता रूप पमनानी समेत छह दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है,रविवार आपका, सोमवार हमारा।
गौरतलब है कि नवभारत ने शनिवार के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर यह मुद्दा उठाया था कि सती गेट मार्ग के चौड़ीकरण में कुछ दुकानदारों द्वारा प्रभाव का उपयोग कर कार्य रुकवाया जा रहा है। समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और नगर निगम ने तत्काल संबंधित छह दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिए। पमनानी की मनमानी से रुका सती गेट का प्रोजेक्ट, समाचार इस शीर्षक के साथ प्रकाशित कर जारी किया गया था। जिससे हलचल मची और नगर निगम ने ताबड़तोड़ शनिवार को ही पमनानी सहित सभी को नोटिस जारी कर दिया। शनिवार को नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने भी मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि चौड़ीकरण का कार्य बिना किसी भेदभाव के पूरा किया जाएगा, जिससे सती गेट मार्ग का नया और व्यवस्थित स्वरूप शहर के सामने आएगा।
दस-दस फीट जगह लेंगे
नवभारत को मिली जानकारी के अनुसार मार्ग के दोनों ओर से 10-10 फीट भूमि अधिग्रहित कर सडक़ का समान रूप से चौड़ीकरण किया जाएगा। अब तक एक ही ओर से कई बार भूमि ली जा चुकी थी, जबकि दूसरी ओर निर्माण यथावत बने हुए थे। इसे लेकर रहवासियों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों में लंबे समय से असंतोष था। उनका कहना था कि विकास कार्य में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। नोटिस मिलने के बाद संबंधित दुकानदारों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया जाएगा। यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो निगम जेसीबी और बुलडोजर के माध्यम से निर्माण हटाकर चौड़ीकरण का कार्य शुरू करेगा।
मुख्यमंत्री ने भी किया भ्रमण
शुक्रवार रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं क्षेत्र का भ्रमण कर विकास कार्यों का जायजा लिया था। उन्होंने रहवासियों और व्यापारियों से चर्चा करते हुए स्पष्ट कहा था कि यदि किसी को कोई समस्या है तो वह बताएं। अधिकांश ने चौड़ीकरण शहर के हित में बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के कई परिवारों ने विकास कार्यों के लिए स्वेच्छा से अपने मकान और दुकानें हटाईं तथा करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि सार्वजनिक हित में छोड़ी। उनका मानना है कि दोनों ओर से समान चौड़ीकरण होने से यातायात सुगम होगा और महाकाल दर्शन के लिए आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के साथ शहरवासियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
