नयी दिल्ली, 11 जुलाई (वार्ता) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि पेरू के साथ भारत के व्यापार का निरंतर विस्तार हो रहा है और वहां के लिए भारत के निर्यात में विविधता आ रही है तथा वाहन, चिकित्सा उपकरण और अन्य विनिर्मित उत्पादों की जगह बढ़ रही है।
मंत्रालय के अनुसार यह बढ़ती साझेदारी वहां के बाजार में भारत के विभिन्न क्षेत्रों के निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। मंत्रालय ने आज सोशल मीडिया पर इस संबंध में एक के बाद एक कई पोस्ट में कहा, ‘ भारत का पेरू को होने वाला निर्यात अब पारंपरिक उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें निरंतर विविधता आ रही है। स्वास्थ्य सेवा, इंजीनियरिंग और औद्योगिक उत्पादों के निर्यात में लगातार वृद्धि दोनों देशों के बीच मजबूत होते व्यापारिक संबंधों और पेरू के बाजार में भारतीय विनिर्माण की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाती है।
वित्त वर्ष 2025-26 में पेरू भारत के निर्यात में ऑटोमोबाइल क्षेत्र सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा। विभिन्न वाहन श्रेणियों में व्यापक वृद्धि यह दर्शाती है कि पेरू के बाजार में किफायती और भरोसेमंद परिवहन समाधान उपलब्ध कराने वाले प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान वहां भारत से 6.97 करोड़ डॉलर की मोटरसाइिकलों, 12.54 करोड़ डॉलर मूल्य की कारों तथा 4.33 करोड़ डॉलर मूल्य के कॉम्पैक्ट वाहनों का निर्यात हुआ।
इसी दौरान 4.30 करोड़ डॉलर के स्वास्थ्य इंजीनियरिंग उत्पाद, 9.45 करोड़ डॉलर की दवाइयों और 9.81 करोड़ डॉलर मूल्य की मशीनों का निर्यात किया गया।
वर्ष के दौरान वहां कपड़ों का निर्यात भी 16.38 करोड़ डॉलर का रहा जिसमें ग्रे कॉटन यार्न का बड़ा हिस्सा है। पिछले वर्ष वहां 4.82 करोड़ रुपये के कॉयर उत्पादों का भी निर्यात हुआ। मंत्रालय ने कहा है, ‘ पेरू को भारत का वस्त्र निर्यात भी लगातार विविध हो रहा है। कपास के धागे (कॉटन यार्न), कॉयर पीठ (नारियल रेशा चूर्ण), मानव-निर्मित स्टेपल फाइबर तथा विभिन्न प्रकार के वस्त्र कपड़ों (टेक्सटाइल फैब्रिक्स) के निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई है। यह पेरू के बाजार में भारतीय वस्त्र उत्पादों के लिए बढ़ते अवसरों का संकेत है। जैसे-जैसे भारत का निर्यात पारंपरिक वस्तु-आधारित व्यापार से आगे बढ़ रहा है, दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और अधिक व्यापक तथा विविध बनते जा रहे हैं।”
व्यापारिक आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और पेरू के बीच द्विपक्षीय व्यापार 67.5 प्रतिशत के भारी उछाल के साथ 10 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया जिसमें भारत का निर्यात 1.4 अरब डॉलर और आयात 8.87 अरब डॉलर रहा। पेरू से भारत में आयात की जाने वाली वस्तुओं में मूल्य के हिसाब से 90 प्रतिशत हिस्सा सोने का है। 2025-26 में वहां से सोने का आयात 78.45 प्रतिशत बढ़कर 7.9 अरब डॉलर तक पहुँच गया।
भारत और पेरू के बीच मुक्त व्यापार समझौते ( एफटीए) की बातचीत चल रही है। इसकी शुरुआत 2017 में हुई थी पर अभी यह पूरी नहीं हो सकी है।
