
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने शनिवार को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ट्रस्ट को तत्काल भंग करने तथा पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का राजनीतिक लाभ उठाया तथा अब ट्रस्ट में कथित वित्तीय गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, स्वदेश शर्मा, कुंदन पंजाबी, अभिनव बरोलिया और आनंद जाट भी मौजूद थे।
मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि पिछले तीन दशकों में भाजपा ने भगवान राम के समावेशी आदर्शों की जगह राजनीतिक विमर्श को स्थापित करने का प्रयास किया है, जिससे धर्म और आस्था को राजनीतिक साधन बना दिया गया।
अतुल लोंढे पाटिल ने दावा किया कि वर्ष 2020 में एक चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म और स्टेट बैंक द्वारा ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं में कमियों को लेकर दी गई चेतावनियों की अनदेखी की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिंधी समाज द्वारा दान की गई 200 चांदी की ईंटें तथा बड़ी मात्रा में प्राप्त नकद दान का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चल रही जांच निष्पक्ष नहीं है और अंतिम जांच रिपोर्ट से कुछ नाम हटा दिए गए हैं। पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस ने वर्तमान राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर शंकराचार्यों, धर्माचार्यों, संतों तथा विभिन्न धार्मिक परंपराओं के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए नया ट्रस्ट गठित करने, सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने तथा पार्टी द्वारा नामित आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
उल्लेखनीय है कि भाजपा और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पूर्व में मंदिर के प्रशासन और वित्तीय मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता के आरोपों को खारिज कर चुके हैं।
