ग्वालियर: विधानसभा उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद पैदा हुए राजनीतिक घटनाक्रम ने भाजपा संगठन की चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार भोपाल से लेकर दिल्ली तक पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थिति को सामान्य करने के लिए डैमेज कंट्रोल की कवायद तेज कर दी गई है। हालांकि पार्टी के भीतर एक धड़ा ऐसा भी है जो खड़े किए गए हंगामें को अनुशासनहीनता मानकर सख्त कार्यवाही की बात कर रहा है लेकिन चुनाव के समय पार्टी नेतृत्व ऐसा कुछ करेगा इसकी संभावना कम है।
सूत्रों का कहना है कि सत्ता और संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा से लगातार संपर्क बनाए रखा है। पार्टी नेतृत्व के आग्रह पर ही डॉ. मिश्रा ने फिलहाल हालात को नियंत्रित करने तथा अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील जारी की है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो डॉ. मिश्रा शाम तक सार्वजनिक रूप से सामने आकर अपना वक्तव्य जारी कर आशुतोष तिवारी को समर्थन दे सकते हैं।
हालांकि, डॉ. मिश्रा के टिकट कटने से उनके समर्थकों में अभी भी गहरी नाराजगी देखी जा रही है। कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष का माहौल बना हुआ है और इसे लेकर राजनीतिक हलकों में लगातार चर्चाएं जारी हैं। पार्टी नेतृत्व की सबसे बड़ी चुनौती समर्थकों के आक्रोश को शांत कर संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना है।
उधर, कल समर्थकों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और पूरे घटनाक्रम पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
फिलहाल सभी की निगाहें डॉ. नरोत्तम मिश्रा के संभावित सार्वजनिक बयान पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने का उनका वक्तव्य न केवल समर्थकों की अगली रणनीति तय करेगा, बल्कि दतिया उपचुनाव की राजनीतिक दिशा पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
