सीहोर। जिले के ग्राम बड़बेली में करंट लगने से किसान सतीश मेवाड़ा के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में लगातार प्रकाशित समाचारों और ग्रामीणों की मांग का असर दिखाई दिया. मुख्यमंत्री के निर्देश, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर के आदेश के बाद विद्युत विभाग और विद्युत सुरक्षा विभाग की संयुक्त जांच टीम गांव पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की.
किसानों और ग्रामीणों ने जांच अधिकारियों को गांव की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया. ग्रामीणों ने गांव में जगह-जगह झूल रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन, एलटी लाइन, जर्जर एवं टेढ़े-मेढ़े विद्युत खंभे तथा खेतों और सडक़ों के ऊपर लटक रहे विद्युत तारों को मौके पर दिखाया. ग्रामीणों ने जांच अधिकारियों को बताया कि विगत वर्षों में भी गांव में करंट लगने की कई घटनाएं हो चुकी हैं. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए पंचनामा एवं बयान में उनकी कही गई सभी बातें पूरी तरह दर्ज नहीं की गई. ग्रामीणों एवं किसानों ने मांग की कि करंट से गंभीर रूप से घायल किसान सतीश मेवाड़ा को 25 लाख रुपए का मुआवजा, उपचार का खर्च तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए. साथ ही, विद्युत विभाग के दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए तथा गांव में जर्जर विद्युत लाइन एवं खंभों को तत्काल बदलकर भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जाए. जांच के दौरान विद्युत कंपनी के सुरक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा मौके पर उपस्थित थे. उनके साथ खजूरिया कला विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ यंत्री, लाइन स्टाफ तथा बिजोरी क्षेत्र के संबंधित अधिकारी ग्रामीण, किसान और जनप्रतिनिधि भी मौके पर उपस्थित थे.
