
जबलपुर। लोकायुक्त द्वारा वर्ष 2022 में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक संजय सिंह के मामले में कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए मध्य भारत मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर ज्ञापन सौंपा। मोर्चा ने अभियोजन स्वीकृति एवं विभागीय कार्रवाई शीघ्र पूर्ण कराने के साथ पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
मोर्चा अध्यक्ष सौरभ यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति की बात करती है, लेकिन लोकायुक्त द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बावजूद चार वर्ष बाद भी संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई पूरी नहीं होना गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी अब भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं और उनके सेवानिवृत्त होने का समय भी निकट बताया जा रहा है, जिससे आम जनता में गलत संदेश जा रहा है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
ज्ञापन में वर्ष 2022 के रिश्वत प्रकरण में अभियोजन स्वीकृति में हुई देरी की उच्चस्तरीय जांच कराने, चार वर्षों तक फाइल किन अधिकारियों के पास लंबित रही इसकी जानकारी सार्वजनिक करने तथा देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई करने की मांग की गई। साथ ही नागरिक आपूर्ति निगम में समर्थन मूल्य पर धान, गेहूं एवं अन्य खरीदी से जुड़े मामलों की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग उठाई गई।
समयबद्ध कार्रवाई की मांग
मोर्चा ने भ्रष्टाचार के मामलों में अभियोजन स्वीकृति और चालान प्रस्तुत करने के लिए अधिकतम समय-सीमा निर्धारित करने तथा लोकायुक्त द्वारा दर्ज लंबित भ्रष्टाचार प्रकरणों की राज्य स्तर पर समीक्षा कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनता का विश्वास तभी मजबूत होगा, जब कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर समयबद्ध न्यायिक एवं विभागीय निष्कर्ष तक पहुंचे।
इस अवसर पर मध्य भारत मोर्चा अध्यक्ष सौरभ यादव सहित दिलीप विश्वकर्मा, शोभित राजपूत, सौरभ मिश्रा, निहाल यादव, राजा बाबा, लक्की सोनी, सोहेल, अफजल, समीर, आकाश, अमित सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
