कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने दिया संकेत, शरद पवार गुट के छह सांसद भाजपा के संपर्क में

मुंबई, 10 जुलाई (वार्ता) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शुक्रवार को कहा कि श्री शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लगभग छह सांसद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में अवसर तलाश रहे हैं।

श्री चव्हाण का यह बयान कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार के सात जुलाई के उस बयान के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और भाजपा के राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े के बीच बातचीत चल रही है।

राजनीतिक हलकों में अभी भी इस बात की चर्चा है कि इस समझौते के तहत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी केंद्र के साथ-साथ महाराष्ट्र राज्य में भी भाजपा नीत सरकार को समर्थन दे सकती है। इस तरह की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक कयासबाजी जारी है, हालांकि जयंत पाटिल और शरद पवार गुट की कार्यकारी अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले दोनों ने ही भाजपा के साथ ऐसी किसी भी बातचीत से इनकार किया है।

श्री चव्हाण ने कहा कि शरद पवार के पांच से छह सांसद इस समय असहज हैं और वह नहीं जानते कि ये सांसद आगे क्या करेंगे। मोदी-शाह सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ करने पर आमादा है कि देश में कोई विपक्ष न बचे। वे नहीं चाहते कि देश में कोई भी विपक्षी दल मौजूद रहे। इसलिए, जो श्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना के साथ हुआ, वही शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ भी हो सकता है। यह निश्चित नहीं है कि शरद पवार के ये सांसद पार्टी छोड़ेंगे या नहीं, लेकिन मैंने सुना है कि वे अस्थिर हैं। वर्तमान में शरद पवार गुट के पास लोकसभा में आठ सांसद हैं, जिनमें उनकी पुत्री सुप्रिया सुले जो बारामती से प्रतिनिधित्व करती हैं, अमोल कोल्हे (शिरूर), धैर्यशील मोहिते पाटिल (माढा), सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा (भिवंडी), अमर काले (वर्धा), नीलेश लंका (अहमदनगर दक्षिण), बजरंग सोनवणे (बीड) और भास्कर भगरे (दिंडोरी) शामिल हैं।

श्री चव्हाण के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीड से सांसद बजरंग सोनवणे ने कहा, “ हमारी पार्टी में कोई भी नाराज या अस्थिर नहीं है। हम सभी आठ सांसद एकजुट हैं। हम सभी श्रीमती सुले के नेतृत्व में काम करते हैं और श्री शरद पवार के आदेशों के अनुसार चलते हैं। हमें कोई प्रस्ताव मिलने का सवाल ही नहीं उठता। इसी तरह महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने भी कहा कि हमारी पार्टी भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के साथ नहीं जाएगी। कल ही पार्टी के सभी विधायकों और सांसदों ने शरद पवार साहब से मुलाकात की थी और सभी पार्टी के प्रति वफादार हैं। ऐसी बातों में कोई सच्चाई नहीं है। हमारी पार्टी में गठबंधन में शामिल होने को लेकर कोई चर्चा नहीं चल रही है और न ही ऐसा कोई मुद्दा उठ सकता है। हम महा विकास अघाड़ी के तीनों दलों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने का प्रयास करेंगे। ”

इस बीच, सूत्रों का कहना है कि राजनीतिक कयासबाजी का एक और दौर इस सिद्धांत पर शुरू हो गया है कि शरद पवार ने खुद अपने वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल को भाजपा सांसद विनोद तावड़े के साथ बातचीत करने के लिए अधिकृत किया था, ताकि उनकी पार्टी एकजुट रहे और किसी भी तरह के बिखराव को रोका जा सके। सूत्रों के मुताबिक, अगर शरद पवार गुट भाजपा नीत गठबंधन में शामिल होता है, तो इस क्षेत्रीय दल को केंद्र सरकार में एक कैबिनेट मंत्री पद और महाराष्ट्र में तीन कैबिनेट मंत्री पद मिलने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य के इन कैबिनेट विभागों में से एक में वित्त मंत्रालय शामिल हो सकता है, जिसे महत्वपूर्ण माना जाता है और वर्तमान में यह खुद मुख्यमंत्री फडणवीस के पास है, हालांकि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने पहले ही वित्त मंत्रालय पर अपना दावा पेश किया है, जो दिवंगत अजीत पवार के जीवित रहते हुए उनके पास हुआ करता था। सूत्रों ने कहा कि महाराष्ट्र का वित्त मंत्रालय शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटिल के लिए आरक्षित रखा जा रहा है और यही कारण है कि यह विभाग अब तक उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार या किसी अन्य नेता को नहीं दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार शाम सात बजे से 10 बजे के बीच नयी दिल्ली में मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने फैसला किया है कि फिलहाल महाराष्ट्र राज्य मंत्रिमंडल में कोई बदलाव नहीं होगा। सूत्रों ने यह भी जोड़ा कि इसका मतलब यह नहीं है कि महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में कुछ महीनों के बाद जयंत पाटिल जैसे नये चेहरे देखने को नहीं मिलेंगे।

 

 

 

 

Next Post

प्रदूषण उल्लंघन पर त्रिमुला बंदी का प्रस्ताव

Fri Jul 10 , 2026
सिंगरौली ।कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देशन में म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय सिंगरौली द्वारा मेसर्स त्रिमुला इंडस्ट्रीज लिमिटेड, गोंदवाली के विरुद्ध वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 की धारा 31(क) के तहत उत्पादन प्रक्रिया बंद करने का प्रस्ताव बोर्ड मुख्यालय, भोपाल को भेजा गया है। क्षेत्रीय अधिकारी […]

You May Like