
आलीराजपुर। कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्टर कक्ष में वन अधिकार पट्टों से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व भूमि के अभिलेखों का गहन परीक्षण करते हुए लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं नियमानुसार निराकरण के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस बैठक में पुराने राजस्व अभिलेखों एवं वर्तमान अभिलेखों में दर्ज राजस्व रकबे में अंतर पाए जाने पर कलेक्टर श्रीमती माथुर ने अधिकारियों को झाबुआ से पुराने राजस्व रिकॉर्ड मंगवाकर उनका वर्तमान अभिलेखों से मिलान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी सभी विसंगतियों का तथ्यात्मक एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। बैठक में कलेक्टर श्रीमती माथुर ने वन अधिकार पट्टों के लंबित प्रकरणों का नियमानुसार परीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में वन क्षेत्र में लगभग 23 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसके अभाव में कई सड़क निर्माण कार्य लंबित हैं और ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वरिष्ठ कार्यालयों से समन्वय स्थापित कर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए, ताकि भूमि उपलब्ध होने के बाद निर्माणाधीन सड़कों का कार्य पूरा कर जिले में बेहतर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित की जा सके।
कलेक्टर श्रीमती माथुर ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को निर्देशित किया कि वन अधिकार अधिनियम से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर वन विभाग को उपलब्ध कराई जाए, जिससे निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण किया जा सके। बैठक में वन अधिकार अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों, राजस्व अभिलेखों के सत्यापन एवं रिकॉर्ड अद्यतन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पात्र हितग्राहियों के प्रकरणों का शीघ्र एवं नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री अमित निकम, अनुविभागीय अधिकारी श्री वीरेन्द्र सिंह बघेल सहित राजस्व विभाग, वन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
