भोपाल:शुक्रवार को भोपाल में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी ‘दिशा’ की बैठक चल रही थी। तभी कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील ने बहुप्रतीक्षित भोपाल मास्टर प्लान का मुद्दा उठा दिया।दोनों विधायकों का कहना था कि जब तक मास्टर प्लान लागू नहीं होता, तब तक ऐसी बैठकों का कोई मतलब नहीं है।
इसी दौरान फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने बीच में हस्तक्षेप किया। बस… यहीं से माहौल गर्म हो गया।
विधायकों ने सवाल किया, “आप किस हैसियत से बीच में बोल रहे हैं? हमारी बात सांसद जी से हो रही है।” देखते ही देखते बहस तीखी नोकझोंक में बदल गई। आरोप है कि उंगली दिखाने तक की नौबत आ गई।करीब 10 मिनट तक बैठक में तनाव बना रहा। नाराज़ कांग्रेस विधायकों ने कहा कि अगर उनकी बात ही नहीं सुनी जाएगी, तो उन्हें बुलाने का क्या मतलब? इसके बाद दोनों विधायक बैठक छोड़कर बाहर निकल गए।बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन दोनों वापस नहीं लौटे।
