कीव, रूस-यूक्रेन युद्ध एक बेहद आक्रामक चरण में पहुँच गया है, जहाँ यूक्रेन ने रूस के भीतर गहराई में स्थित प्रमुख तेल डिपो और आजोव सागर में तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। टवेर और स्टावरोपोल जैसे रूसी क्षेत्रों में हुए इन सटीक हमलों के कारण भीषण आग लग गई है और प्रशासन को स्थानीय आबादी को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा है। राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इन हमलों को रूस पर बढ़ते दबाव का हिस्सा बताया है, जिससे मास्को के ऊर्जा तंत्र को भारी क्षति पहुँची है।
ईंधन संकट और जवाबी कार्रवाई
इन हमलों के परिणामस्वरूप रूस के विभिन्न क्षेत्रों में ईंधन की भारी किल्लत पैदा हो गई है, जिससे नागरिकों को गैसोलीन के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। रूस ने इसका कड़ा जवाब देते हुए यूक्रेन के 13 शहरों को लंबी दूरी के ड्रोनों और बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया है। दोनों देशों के बीच बढ़ती यह सैन्य आक्रामकता युद्ध को और अधिक भयावह दिशा में ले जा रही है, जहाँ बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना दोनों पक्षों की मुख्य रणनीति बन गया है।
ट्रंप का पैट्रियट मिसाइल दांव
इस बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को ‘पैट्रियट’ वायु रक्षा प्रणाली के घरेलू उत्पादन का लाइसेंस देने की घोषणा की है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस उन्नत तकनीक के उत्पादन में अभी काफी समय लगेगा। क्रेमलिन ने इस कदम को उकसावे वाला बताते हुए चेतावनी दी है कि यह युद्ध को और लंबा खींच सकता है। ट्रंप द्वारा ‘नो-फ्लाई जोन’ पर विचार करने के संकेत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर रूस को और अधिक आक्रामक रुख अपनाने के लिए मजबूर कर दिया है।

