हैदराबाद, भारतीय शेयर बाजार में इस वर्ष का सबसे बड़ा आईपीओ दस्तक देने जा रहा है। देश की अग्रणी एसेट मैनेजमेंट कंपनी, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड, बाजार से 11,693 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। यह इस साल का पहला ऐसा आईपीओ होगा, जिसका आकार 1 बिलियन डॉलर से अधिक है। कंपनी ने इसके लिए 545 से 574 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। यदि शेयर ऊपरी स्तर पर आवंटित होते हैं, तो कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच जाएगा।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण तारीखें
यह आईपीओ पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) के रूप में आ रहा है, जिसमें प्रमोटर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। निवेशकों के लिए यह सब्सक्रिप्शन 14 जुलाई से खुलेगा। शेयरों का अलॉटमेंट 18 जुलाई को पूरा किया जाएगा और सफल निवेशकों को 21 जुलाई को बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर शेयरों की लिस्टिंग देखने को मिलेगी। हालांकि बाजार में वैश्विक अस्थिरता बनी हुई है, लेकिन कंपनी ने अपने तय समय पर आईपीओ लाने का निर्णय लिया है।
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन की नींव
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है, जो 29 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति (AUM) का प्रबंधन कर रही है। वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 22% बढ़कर 4,390 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 21% बढ़कर 3,067 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। कंपनी के प्रबंधन का मानना है कि बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा उनकी वित्तीय मजबूती पर कायम है। इस आईपीओ से कंपनी के कामकाज में और अधिक पारदर्शिता आने की पूरी उम्मीद है।

