जबलपुर: कोतवाली थाना अंतर्गत बड़ा फुहारा में मंगलवार को पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद नगर निगम अलर्ट मोड में आ गया है। इसके साथ ही नए सिरे से ऐसे भवनों को चिन्हित करने का कार्य भी युद्धस्तर पर जारी है। नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर में जनहानि की आशंका को समाप्त करने एवं नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खतरनाक एवं जर्जर भवनों के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। मानसून अवधि के दृष्टिगत रखते हुए निगम प्रशासन पूरी तरह सक्रिय मोड पर है। अब तक शहर के विभिन्न वार्डों में चिन्हित किए गए 30 से अधिक अत्यधिक जर्जर व खतरनाक भवनों को ढहाने की कार्रवाई की जा चुकी है।
वीरेन्द्रपुरी पहुंची टीम, जर्जर रैन बसेरा भवन का लिया जायजा, कार्रवाई की तैयारी-
बुधवार को महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू एवं निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार के दिशा-निर्देशन में अपर आयुक्त सौरभ मिश्रा ने विभागीय टीम के साथ वीरेंद्रपुरी वार्ड का सघन दौरा किया। अपर आयुक्त द्वारा वार्ड अंतर्गत पिसनहारी की मढिया के सामने स्थित अत्यंत पुराने व जर्जर हो चुके रैन बसेरा भवन का मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन के तकनीकी और सुरक्षात्मक पहलुओं का आकलन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व त्वरित वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दिनेश प्रताप सिंह संभागीय अधिकारी दिग्दर्श सिंह संभागीय यंत्री वीरेंद्र पाण्डेय विकास कुशवाहा एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
सुरक्षा से समझौता नहीं
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू एवं निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने बताया कि नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। वर्षाकाल में जर्जर और कमजोर ढांचे गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और शहरवासियों की सुरक्षा हेतु ऐसे सभी खतरनाक निर्माणों को चिन्हित कर निरंतर हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
