
दमोह। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान यह जानकारी सामने आई थी कि डॉक्टर व उनका स्टाफ, कई विभागो के अधिकारी-कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं हो रहे थे तथा शासन के निर्देशों के बावजूद ‘सार्थक ऐप’ के माध्यम से चेक-इन और चेक-आउट नहीं किया जा रहा था।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा इसके बाद स्वास्थ्य विभाग सहित जिले के सभी विभागों में ‘सार्थक ऐप’ के माध्यम से डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू कराई गई। इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है और अब अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय एवं स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचकर निर्धारित समय तक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा ‘सार्थक ऐप’ के रिकॉर्ड के आधार पर 141 अधिकारी-कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने की अवधि का सत्यापन किया गया। इसके अनुसार जितने दिन वे अनुपस्थित रहे, उतने दिनों का वेतन काटकर शेष वेतन का भुगतान किया गया है। सभी संबंधित कर्मचारियों को समय पर चेक-इन, चेक-आउट करने तथा निर्धारित समय तक आमजन को सेवाएं देने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा अधिकारी-कर्मचारियों की अनुपस्थिति और विलंब से पहुंचने के कारण मरीजों, महिलाओं एवं अन्य नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा सभी कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी आश्वस्त किया है कि भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बनेगी और सभी अधिकारी-कर्मचारी समय का पालन करते हुए जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करेंगे।
