
सीधी। शहर में डेढ़ दर्जन से अधिक मैरिज गार्डन बिना फायर एनओसी और नगर पालिका पंजीयन के संचालित हो रहे हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रशासनिक जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं। विवाह स्थलों में अग्निशमन प्रणाली, पार्किंग, कचरा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का घोर अभाव है। अधिकांश गार्डनों में न तो साफ-सफाई की उचित व्यवस्था है और न ही कचरा प्रबंधन। मैरिज हॉल के लिए तय मानकों जैसे 80 फीट चौड़ी सड़क, 60% खुला क्षेत्र, फायर सेफ्टी उपकरण और स्वच्छता व्यवस्था की अनदेखी की जा रही है। प्रशासन की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। विवाह स्थल के कुल क्षेत्र का 25 फीसदी हिस्सा सुविधाजनक पार्किंग के लिए चिन्हित करने का प्रावधान है। उस क्षेत्र को बैरीकेड्स लगाकर अलग से पार्किंग के लिए प्रदर्शित किया जाना चाहिये। महिला एवं पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिये। विवाह स्थल पर जनरेटर सेट इस तरह लगाने चाहिये ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो और प्रदूषण न फैले।
इनका कहना है
मैरिज गार्डन शासन के गाइड लाइन के अनुसार संचालित न होने के मामले में मैं नगर पालिका से बात करता हूँ । यह सुनिश्चित कराऊंगा कि मैरिज गार्डन गाइड लाइन के अनुसार संचालित हों और उनमें निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध रहें।
नीलेश शर्मा, एसडीएम गोपदबनास
